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तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी, विदेश मंत्री ने पूछा – आख़िर आप चाहते क्या हैं

15/8/2026, 12:00:12 pm
तालिबान ने पाकिस्तान को चेतावनी दी, विदेश मंत्री ने पूछा – आख़िर आप चाहते क्या हैं
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तालिबान के नेतृत्व वाली अफगानिस्तान सरकार ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि सीमा पार हो रहे हमलों को तुरंत रोका जाना चाहिए. अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने एक बयान में कहा, ‘आख़िर आप चाहते क्या हैं?’ इस सवाल के पीछे पाकिस्तान द्वारा की जा रही एकतरफ़ा कार्रवाई पर नाराज़गी है. पिछले साल अक्टूबर से दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है. सीमा पर स्थित इलाकों में रॉकेट और मोर्टार के हमले आम हो गए हैं, जिससे नागरिकों की जान को खतरा है और सीमा पार व्यापार प्रभावित हो रहा है. अफगानिस्तान का आरोप है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार आतंकवादी समूहों को समर्थन दे रही हैं, जिससे अफगान क्षेत्र में destabilization हो रहा है. इसके जवाब में पाकिस्तान ने अपने सीमा बलों को अलर्ट कर दिया है और कहा है कि वह किसी भी प्रकार की provocative कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार है. हालांकि इस्लामाबाद ने भी अफगानिस्तान पर आरोप लगाए हैं कि वह अपने území से आतंकवादी हमलों की योजना बना रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच विश्वास की कमी बढ़ती जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की झड़पें न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि दोनों देशों की आर्थिक recuperación को भी धीमा कर देती हैं. सीमा पर लगे चेकपॉइंट्स अक्सर बंद रहते हैं, जिससे ट्रक चालकों और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है. स्थानीय निवासियों ने बताया कि रात में गोलियों की आवाज़ सुनना अब रोज़मर्रा की बात बन गई है, और बच्चों को स्कूल जाने में डर लगता है. अफगानिस्तान सरकार ने कहा कि अगर पाकिस्तान अपनी नीति नहीं बदलता तो वह अपने ‘संयम की नीति’ को फिर से देखेगा. इसका मतलब यह हो सकता है कि काबुल सीमा पार प्रतिक्रिया देने के लिए अधिक आक्रामक रुख अपनाए, जिससे संघर्ष की तीव्रता बढ़ सकती है. अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर संयुक्त राष्ट्र और पड़ोसी देशों, दोनों पक्षों से संवाद बहाल करने की अपील कर रहे हैं, ताकि मानवीय संकट को गहराने से रोका जा सके. वर्तमान में सीमा पर तैनात शांति रखने वाले बल सीमित हैं और उनके पास विवाद को सुलझाने का पर्याप्त अधिकार नहीं है. इसलिए दोनों सरकारों को सीधी बातचीत का रास्ता खोजना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी झड़पों को रोका जा सके और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित की जा सके. समाचार स्रोत: BBC हिंदी — Worlds
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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