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तमिलनाडु-कर्नाटक में तनाव: जंगल में मुठभेड़ पर CM विजय के सवाल, डीके शिवकुमार ने दी सफाई

17/8/2026, 3:36:07 am
तमिलनाडु-कर्नाटक में तनाव: जंगल में मुठभेड़ पर CM विजय के सवाल, डीके शिवकुमार ने दी सफाई
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तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। इस बार वजह है कर्नाटक के जंगलों में हुई एक मुठभेड़। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने इस मुठभेड़ पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा है कि क्या वाकई मुठभेड़ हुई थी या फिर कुछ और ही हुआ? उनके सवालों से कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार घिर गए हैं। शिवकुमार को सामने आकर सफाई देनी पड़ी है। मामला कर्नाटक के सीमावर्ती जंगलों का है। खबरों के मुताबिक, वन विभाग की टीम ने कुछ लोगों को घेर लिया था। विभाग का दावा है कि ये लोग शिकारी थे और तमिलनाडु से आए थे। मुठभेड़ में कुछ लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है। लेकिन तमिलनाडु सरकार इस पूरी कहानी को संदिग्ध बता रही है। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि बिना जांच के किसी को शिकारी बता देना गलत है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। साथ ही उन्होंने कर्नाटक सरकार से मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की भी बात कही। विजय के तेवर तल्ख हैं। उन्होंने कहा कि अगर कर्नाटक ने सहयोग नहीं किया तो तमिलनाडु अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक पुलिस और वन विभाग निर्दोष लोगों को निशाना बना रहे हैं। उधर, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वन विभाग ने नियमों के मुताबिक कार्रवाई की है। शिकारी हथियारों से लैस थे और उन्होंने टीम पर हमला किया। शिवकुमार ने भरोसा दिलाया कि जांच में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। लेकिन उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि कर्नाटक अपने जंगलों की रक्षा के लिए सख्त कदम उठाता रहेगा। उन्होंने तमिलनाडु के आरोपों को बेबुनियाद बताया। दोनों राज्यों के बीच यह पहला मौका नहीं है जब सीमा विवाद या जंगल के मसले पर तकरार हुई हो। कावेरी नदी के पानी को लेकर पहले से ही खींचतान चलती रहती है। अब इस मुठभेड़ ने नया मोर्चा खोल दिया है। जानकार मानते हैं कि अगर वक्त रहते बातचीत नहीं हुई तो मामला और बिगड़ सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि दोनों मुख्यमंत्रियों के बयानों से साफ है कि कोई भी झुकने को तैयार नहीं है। फिलहाल केंद्र सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। दोनों राज्यों के अधिकारी संपर्क में हैं। देखना होगा कि यह तनाव बातचीत से सुलझता है या फिर लंबा खिंचता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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