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तेजस मार्क‑1ए को तीन इंजन मिले, 180 विमानों का सौदा आगे बढ़ा

5/9/2026, 1:24:14 am
तेजस मार्क‑1ए को तीन इंजन मिले, 180 विमानों का सौदा आगे बढ़ा
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तेजस मार्क-1ए कार्यक्रम को तीन नए इंजन मिलने से बड़ा प्रोत्साहन मिला है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने इन इंजनों की आपूर्ति पूरी कर दी है और इन्हें टेस्ट बेड पर सफलतापूर्वक चलाया गया है। इसके साथ ही 180 लड़ाकू विमानों के सौदे की गति तेज हुई है, जिससे वायुसेना की आधुनिकीकरण योजना को बल मिलेगा। वायुसेना ने पहले तेजस मार्क-1ए की डिलीवरी के लिए अगले वर्ष की पहली तिमाही का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार पहला विमान अप्रैल‑जून 2026 के बीच तैयार होकर स्क्वाड्रन को सौंपा जा सकता है। हालांकि परियोजना में कई बार देरी हुई है, जिससे रक्षा विशेषज्ञ चिंतित रहे हैं। इंजन आपूर्ति, संरचनात्मक टेस्टिंग और उत्पादन लाइन में सुधार की वजह से समय सीमा बढ़ी है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वी.आर. चौधरी ने कहा कि देरी का ऑपरेशनल तैयारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने बजट में 2,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की ताकि उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके। HAL ने बेंगलुरु और नासिक में नए असेंबली प्लांट लगाए हैं, जिससे महीने में चार विमान तैयार करने का लक्ष्य है। विशेषज्ञ मानते हैं कि समय पर डिलीवरी से वायुसेना की मारक क्षमता और आत्मनिर्भरता दोनों मजबूत होंगी। निगरानी समिति अब हर महीने प्रगति की समीक्षा करेगी और रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंपेगी। इस बीच, निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी सब‑कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं ताकि पुर्जों की आपूर्ति तेज हो। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि तेजस कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ का सबसे बड़ा उदाहरण बन रहा है। उत्पादन लाइन में ऑटोमेशन बढ़ाने के लिए रोबोटिक आर्म्स लगाए गए हैं, जिससे मानवीय त्रुटि कम होगी। इंजन निर्माता GE एविएशन ने भी भारतीय इकाई के साथ संयुक्त विकास समझौता किया है। इस समझौते से भविष्य में स्वदेशी इंजन विकसित करने की राह आसान होगी। वायुसेना ने अपने पायलटों के लिए नए सिम्युलेटर भी खरीदे हैं, ताकि प्रशिक्षण तेज हो। सिम्युलेटर में वास्तविक उड़ान परिदृश्य शामिल हैं, जिससे पायलट युद्धक परिस्थितियों का अभ्यास कर सकें। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) भी तेजस के एवियोनिक्स सुधार पर काम कर रहा है। एवियोनिक्स अपग्रेड से रडार रेंज और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर क्षमता बढ़ेगी। इन सब प्रयासों के बावजूद, आपूर्ति श्रृंखला में किसी भी अवरोध से डिलीवरी पर असर पड़ सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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