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तेतरिया के दो स्कूलों में प्री‑फैब भवन तैयार, बच्चों को मिली नई सुविधा

1/9/2026, 6:50:27 pm
तेतरिया के दो स्कूलों में प्री‑फैब भवन तैयार, बच्चों को मिली नई सुविधा
मोतिहारी जिले के तेतरिया प्रखंड में दो सरकारी स्कूलों के लिए प्री‑फैब भवन तैयार हो गए हैं।\n\nशिक्षा विभाग ने इन भवनों का निर्माण 'समग्र शिक्षा' योजना के तहत तेज़ी से पूरा करवाया ताकि बच्चों को सुरक्षित, हवादार और रोशनीदार कमरे मिलें।\n\nपहला स्कूल राजकीय प्राथमिक विद्यालय, तेतरिया है और दूसरा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, तेतरिया। दोनों में 6‑6 कक्षाएं बनी हैं।\n\nप्री‑फैब तकनीक से बने इन भवनों का निर्माण केवल 45 दिन में पूरा हुआ, जबकि पारंपरिक ईंट‑सीमेंट भवन में 6‑8 महीने लगते।\n\nपैनल फैक्ट्री में तैयार होकर साइट पर जोड़े गए, जिससे बारिश, गर्मी या मिट्टी की नमी का असर नहीं पड़ा और गुणवत्ता बनी रही।\n\nहर कक्षा में बिजली कनेक्शन, पंखा, एलईडी लाइट और अलग शौचालय की व्यवस्था की गई है, साथ ही फायर‑सेफ्टी सिस्टम भी लगा है।\n\nस्कूल के प्रधानाचार्य रामकुमार सिंह ने बताया कि नए कमरों से छात्र‑छात्राओं की उपस्थिति बढ़ी है और पढ़ाई का माहौल सुधरा है।\n\nअभिभावक संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार ने कहा कि गांव के बच्चों को अब पक्की छत और साफ‑सुथरा कमरा मिला है, यह बड़ा बदलाव है।\n\nजिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अंजना वर्मा ने बताया कि इस मॉडल को जिले के अन्य 12 स्कूलों में भी लागू किया जाएगा।\n\nजिलाधिकारी राजेश कुमार ने उद्घाटन समारोह में कहा कि प्री‑फैब भवन कम लागत, कम समय और पर्यावरण‑हितैषी हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता दी जाएगी।\n\nस्थानीय विधायक सुशील कुमार ने भी योजना की सराहना की और कहा कि आगे ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे भवन बनाने के लिए बजट बढ़ाया जाएगा।\n\nइस पहल से तेतरिया और आसपास के गांवों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचा दोनों मजबूत होने की उम्मीद है।\n\nनिर्माण पर कुल 1.2 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें केंद्र सरकार का 60 % और राज्य सरकार का 40 % हिस्सा शामिल है।\n\nग्रामीणों ने श्रमदान करके साइट की सफाई और पौधारोपण किया, जिससे परिसर हरा‑भरा दिखने लगा।\n\nकक्षा 5 की छात्रा रीना कुमारी ने कहा कि नए कमरे में पंखा चलने से गर्मी नहीं लगती और पढ़ाई में मन लगता है।\n\nस्कूल प्रबंधन ने रखरखाव के लिए वार्षिक अनुबंध किया है, ताकि भवन लंबे समय तक सुरक्षित रहें।\n\nअधिकारियों का मानना है कि प्री‑फैब मॉडल बिहार के अन्य जिलों में भी तेज़ी से अपनाया जा सकता है।\n\nसमाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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