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100 टोल प्लाज़ा पर फर्जी रसीदों का खेल, ईडी ने 14 जगहों पर मारे छापे

3/9/2026, 3:57:23 am
100 टोल प्लाज़ा पर फर्जी रसीदों का खेल, ईडी ने 14 जगहों पर मारे छापे
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देश भर के लगभग 100 टोल प्लाज़ा पर पिछले कुछ महीनों से फर्जी रसीदों काटे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि कुछ निजी एजेंसियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को सूचित किए बिना टोल टैक्स की नकली रसीदें जारी करके पैसा वसूला। इन रसीदों में टोल राशि सही दिखायी जाती थी, लेकिन वास्तव में वह राशि एनएचएआई के खाते में नहीं जाती थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले की गहन जांच करते हुए देश के 14 अलग‑अलग राज्यों में स्थित टोल प्लाज़ा, कार्यालय और संबंधित कंपनियों के परिसरों पर एक साथ छापे मारे। छापेमारी के दौरान ईडी टीम ने कई कंप्यूटर सर्वर, वित्तीय रिकॉर्ड और प्रिंट किए गए टोल रसीदों के मूल नमूने जब्त किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फर्जी रसीदों के माध्यम से लगभग कई करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी देर से लगी, क्योंकि टोल संग्रह की प्रक्रिया में कई स्तरों पर निजी ठेकेदार शामिल होते हैं। प्राधिकरण ने कहा कि वह ईडी की जांच में full cooperation देगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करेगा। साथ ही, एनएचएआई ने अपने टोल संग्रह सिस्टम में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की योजना बनाई है, जिसमें डिजिटल वेरिफिकेशन और रियल‑टाइम निगरानी शामिल है। वित्तीय विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस धोखाधड़ी से राजस्व हानि लगभग 150 करोड़ रुपये तक हो सकती है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों के रखरखाव और विकास योजनाओं पर सीधा असर डाल सकती है। कानून के जानकारों का कहना है कि ऐसी धोखाधड़ी के तहत आईपीसी की धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के अलावा धन शोधन रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इन छापों के बाद टोल उद्योग में हड़कंप मच गया है। कई परिवहन संगठनों ने मांग की है कि टोल वसूली की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और निजी एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार की धोखाधड़ी पर लगाम नहीं कसी गई तो सार्वजनिक धन का दुरुपयोग जारी रह सकता है। अंत में, ईडी ने स्पष्ट किया कि जांच अभी भी जारी है और आगे गिरफ्तारियों तथा संपत्ति जब्ती की संभावना बनी हुई है। प्राधिकरण नागरिकों से अपील करता है कि यदि किसी को टोल रसीद में कोई असामान्यता नजर आए तो वह तुरंत संबंधित कार्यालय को सूचित दे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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