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ट्रंप के विवादित नक्शे पर बवाल: कनाडा से आइसलैंड तक को अमेरिका में दिखाया, डेनमार्क ने दिया करारा जवाब

8/9/2026, 3:52:39 am
ट्रंप के विवादित नक्शे पर बवाल: कनाडा से आइसलैंड तक को अमेरिका में दिखाया, डेनमार्क ने दिया करारा जवाब
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अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा जारी एक नए नक्शे ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल मचा दी है। इस नक्शे में उत्तर अमेरिका के बड़े हिस्से — कनाडा, ग्रीनलैंड और आइसलैंड तक — को संयुक्त राज्य अमेरिका की सीमा में दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस नक्शे को ट्रंप की टीम ने 'अमेरिका का विस्तारित दृष्टिकोण' बताया है। लेकिन कनाडा, डेनमार्क और आइसलैंड ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा, 'कनाडा की संप्रभुता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। यह नक्शा भ्रामक और उकसाने वाला है।' डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'ग्रीनलैंड डेनमार्क का स्वायत्त क्षेत्र है। यह बिक्री के लिए नहीं है और न कभी होगा। अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय कानून और सीमाओं का सम्मान करना चाहिए।' आइसलैंड की सरकार ने भी बयान जारी कर इसे 'भौगोलिक तथ्यों के साथ खिलवाड़' करार दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नक्शा ट्रंप के पहले कार्यकाल में ग्रीनलैंड खरीदने के प्रस्ताव की याद दिलाता है। तब भी डेनमार्क ने साफ इनकार कर दिया था। इस बार का नक्शा उससे आगे जाता हुआ दिखता है — इसमें पूरे उत्तर अटलांटिक क्षेत्र पर अमेरिकी दावे का संकेत है। नाटो सहयोगियों में इस पर चिंता बढ़ रही है। यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा, 'सहयोगियों की क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठाना गठबंधन की भावना के विपरीत है।' अमेरिकी विदेश विभाग ने अब तक आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक इसे 'चुनावी बयानबाजी' बताकर कम करने की कोशिश हो रही है। भारत के लिए भी इसका रणनीतिक महत्व है। आर्कटिक क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों और नए समुद्री मार्गों के लिहाज से यह विवाद वैश्विक भू-राजनीति को प्रभावित करेगा। फिलहाल सभी नजरें ट्रंप के शपथ ग्रहण और उनकी पहली विदेश नीति घोषणाओं पर टिकी हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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