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अमेरिका ने जारी किया ट्रंप का एक डॉलर सिक्का, कुछ घंटों में बिक गया

5/9/2026, 1:50:13 pm
अमेरिका ने जारी किया ट्रंप का एक डॉलर सिक्का, कुछ घंटों में बिक गया
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अमेरिका के वित्त विभाग ने हाल ही में एक विशेष एक डॉलर का सिक्का जारी किया, जिस पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का चित्र छापा गया है। इस सिक्के की घोषणा होते ही बाज़ार में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी और पहले ही कुछ घंटों में स्टॉक खत्म हो गया। अमेरिकी कानून स्पष्ट रूप से जीवित राष्ट्रपतियों की तस्वीर को मुद्रा पर लगाने की अनुमति नहीं देता। यह नियम 1866 के एक अधिनियम के तहत बनाया गया था ताकि राजनीतिक प्रभाव को मुद्रा से अलग रखा जा सके। हालांकि, जारीकर्ता ने “स्मारक सिक्का” प्रावधान का इस्तेमाल किया, जो सीमित संख्या में ऐतिहासिक या सांस्कृतिक व्यक्तियों को दिखाने की अनुमति देता है। इस प्रावधान का उपयोग करके जारीकर्ता ने दलील दी कि ट्रंप का चित्र एक ऐतिहासिक हस्ती के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है, न कि मौजूदा राजनीतिक पद के रूप में। इस तर्क को वित्त विभाग की एक विशेष समिति ने मंजूरी दे दी, हालांकि कई कानूनविदों ने इस व्याख्या को विवादित बताया। सिक्के के जारी होने के तुरंत बाद ऑनलाइन नीलामी साइट्स और संग्रहकारी दुकानों में इसकी मांग爆発的に बढ़ गई। पहले ही दिन में हजारों ऑर्डर आए और आपूर्ति सीमा के कारण कुछ घंटों में ही “आउट ऑफ़ स्टॉक” का संदेश दिखने लगा। संग्रहकारियों का कहना है कि यह सिक्का उनके पोर्टफोलियो में एक अनूठा जुड़ाव है, जबकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा कदम नियमों की आत्मा को कमजोर करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस तरह के प्रावधान का बार‑बार इस्तेमाल होता है, तो मुद्रा की विश्वसनीयता पर सवाल उठ सकते हैं। इतिहास में पहले भी ऐसे मामले हुए हैं जब जीवित व्यक्तियों की तस्वीर को स्मारक सिक्कों पर रखा गया है, लेकिन वे अक्सर सीमित संख्या में और विशेष अवसरों पर जारी किए जाते हैं। इस मामले में जारीकर्ता ने उत्पादन की संख्या सार्वजनिक नहीं की, जिससे बाज़ार में अटकलों का बाजार गर्म रहा। वित्त विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि सभी प्रक्रियाएं कानून के दायरे में रहीं और निर्णय विशेषज्ञ समिति की सिफ़ारिश पर आधारित था। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में भी इसी तरह के स्मारक सिक्के जारी किए जा सकते हैं, बशर्ते वे निर्धारित दिशानिर्देशों का पालन करें। अमेरिकी नुमिस्मैटिक सोसाइटी ने इस घटना पर चिंता जताते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने स्पष्ट नियमों की मांग की और कहा कि संग्रहकारी समुदाय को पारदर्शिता की उम्मीद है। अंत में, इस सिक्के की तेजी से बिक्री दिखाती है कि राजनेता‑आधारित संग्रहणीय वस्तुओं की मांग अभी भी बहुत मजबूत है। चाहे नियमों की व्याख्या कैसे भी हो, इस घटना ने अमेरिकी मुद्रा नीति के आसपास चल रही बहस को फिर से जीवंत कर दिया है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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