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यमन-सोमालिया तट पर दो जहाज हाईजैक, 22 भारतीय समेत 30 क्रू बंधक

21/8/2026, 6:43:45 am
यमन-सोमालिया तट पर दो जहाज हाईजैक, 22 भारतीय समेत 30 क्रू बंधक
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यमन और सोमालिया के तटीय इलाके में समुद्री लुटेरों ने एक बार फिर दहशत फैला दी है। बीते दिनों दो मालवाहक जहाजों को हाईजैक कर लिया गया। दोनों जहाजों पर सवार कुल 30 क्रू मेंबर अब लुटेरों के कब्जे में हैं। इनमें 22 भारतीय नागरिक शामिल हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने घटना की पुष्टि की है। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार हालात पर नजर रखे हुए है। भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों और जहाज कंपनियों के संपर्क में हैं। क्रू की सुरक्षित रिहाई के लिए हर मुमकिन कदम उठाए जा रहे हैं। यह इलाका अदन की खाड़ी और लाल सागर से सटा हुआ है। यहां बरसों से समुद्री लूटपाट होती रही है। 2008 से 2012 के बीच सोमाली लुटेरों ने सैकड़ों जहाजों को निशाना बनाया था। अंतरराष्ट्रीय नौसेना की गश्त बढ़ने के बाद वारदातें कम हुई थीं, मगर पिछले कुछ महीनों से फिर इजाफा देखा जा रहा है। जानकारों के मुताबिक यमन में जारी गृहयुद्ध और सोमालिया में कमजोर सरकारी ढांचे का फायदा लुटेरों को मिल रहा है। वे छोटी नावों से बड़े जहाजों के पास पहुंचते हैं, फिर सीढ़ी या ग्रेपलिंग हुक से चढ़ जाते हैं। क्रू को बंधक बना कर फिरौती मांगते हैं। भारतीय नौसेना पहले भी इस क्षेत्र में ऑपरेशन चला चुकी है। 2017 में 'ऑपरेशन संकल्प' के तहत कई भारतीय जहाजों को सुरक्षा दी गई थी। इस बार भी नौसेना के जहाज आसपास के जलक्षेत्र में तैनात हैं। जहाजरानी कंपनियों ने अपने कैप्टन को अलर्ट रहने को कहा है। उन्हें तट से दूर रहने, गश्ती जहाजों के संपर्क में रहने और संदिग्ध गतिविधि दिखते ही मैरीटाइम सिक्योरिटी सेंटर को खबर करने की हिदायत दी गई है। परिवार वाले परेशान हैं। मुंबई, कोच्चि और चेन्नई के कई नाविकों के परिजनों ने सरकार से जल्द कार्रवाई की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि राजनयिक और सैन्य दोनों मोर्चों पर काम चल रहा है। समुद्री व्यापार के लिए यह रूट बेहद अहम है। दुनिया का करीब 12 फीसद कारोबार यहीं से गुजरता है। बार-बार हाईजैकिंग से बीमा प्रीमियम बढ़ता है और सप्लाई चेन प्रभावित होती है। फिलहाल लुटेरों की तरफ से कोई फिरौती राशि नहीं बताई गई है। वार्ता शुरू होने का इंतजार है। भारत समेत कई देशों की नौसेनाएं हालात पर नजर रखे हुए हैं।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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