लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
भारत

यूएन प्रमुख बोले: नालंदा दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय, बोलोग्ना से 600 साल अधिक पुराना

26/8/2026, 8:17:13 pm
यूएन प्रमुख बोले: नालंदा दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय, बोलोग्ना से 600 साल अधिक पुराना
Original publisher image
यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने हाल ही में बिहार के नालंदा के अवशेषों का दौरा किया और वहां की ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नालंदा सिर्फ पुराने पत्थर नहीं है, बल्कि वह स्थान था जहाँ दुनिया का पहला आवासीय विश्वविद्यालय स्थापित हुआ। उन्होंने आगे बताया कि नालंदा में छात्र और शिक्षक एक ही परिसर में रहते थे,bibliothek,講堂 और ध्यान कक्ष जैसी सुविधाएँ थीं। इस व्यवस्था के कारण ज्ञान का निरंतर प्रवाह बना रहा और चीन, कोरिया, दक्षिण‑पूर्व एशिया तथा मध्य एशिया से विद्वान यहाँ आकर पढ़ते थे। गुटेरेस ने ऐतिहासिक तथ्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नालंदा की स्थापना पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व में हुई थी, जबकि यूरोप का सबसे पुराना विश्वविद्यालय बोलोग्ना की स्थापना ग्यारहवीं शताब्दी में हुई। इस प्रकार नालंदा बोलोग्ना से लगभग छह शताब्दी पुरानी है, यानी करीब 600 साल अधिक पुराना। इसकी लाइब्रेरी में लाखों manuscrits थे, जिनमें बौद्ध, hindu और जैन ग्रंथ शामिल थे। विद्यार्थियों के लिए अलग‑अलग छात्रावास बनाए गए थे जहाँ वे अध्ययन और चर्चा में लगे रहते थे। भारत के शिक्षाविदों और इतिहासकारों ने इस बयान का स्वागत करते हुए कहा कि यह मान्यता प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली के योगदान को विश्व मंच पर लाती है। दिल्ली के एक इतिहास प्रोफेसर ने remarked, "यूएन प्रमुख की टिप्पणी न केवल नालंदा के ऐतिहासिक महत्व को दोहराती है, बल्कि आज की शिक्षा नीति में हमारे प्राचीन मूल्यों को शामिल करने की दिशा में एक प्रेरणा भी है।" अंत में, गुटेरेस ने urge किया कि सभी देशों को ऐसे ऐतिहासिक स्थलों को संरक्षित करने और उनके शैक्षिक मूल्य को आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

संबंधित