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संयुक्त राष्ट्र में विश्व मानचित्र प्रस्ताव: भारत पक्ष में, अमेरिका ने किया विरोध

5/9/2026, 6:19:43 am
संयुक्त राष्ट्र में विश्व मानचित्र प्रस्ताव: भारत पक्ष में, अमेरिका ने किया विरोध
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संयुक्त राष्ट्र महासभा में विश्व मानचित्र के प्रस्ताव पर भारत ने पक्ष में मतदान किया है, जबकि अमेरिका ने इसका विरोध जताया। यह प्रस्ताव दुनिया के नक्शे को अधिक सटीक और न्यायसंगत बनाने से जुड़ा है। लंबे समय से प्रचलित मर्केटर प्रक्षेपण पर सवाल उठते रहे हैं क्योंकि यह उत्तरी गोलार्ध के देशों को बड़ा और दक्षिणी गोलार्ध के देशों को छोटा दिखाता है। भारत ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि वैश्विक प्रतिनिधित्व में भौगोलिक सटीकता जरूरी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने मतदान के बाद बताया कि विकासशील देशों की भौगोलिक पहचान को सही ढंग से दर्शाना निष्पक्ष विश्व व्यवस्था की दिशा में एक कदम है। भारत सहित अफ्रीका, लातिन अमेरिका और एशिया के कई देश इस प्रस्ताव के पक्ष में आए। अमेरिका ने प्रस्ताव का विरोध करते हुए दलील दी कि मानचित्र प्रक्षेपण का चयन तकनीकी विषय है और इसे राजनीतिक मंच पर तय नहीं किया जाना चाहिए। अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था नौवहन और वैज्ञानिक कार्यों के लिए व्यावहारिक है। यूरोप के कुछ देशों ने भी अमेरिका का साथ दिया। जानकारों का मानना है कि यह मतदान केवल नक्शे की रेखाओं तक सीमित नहीं है। यह वैश्विक शासन में दक्षिणी देशों की बढ़ती आवाज को दर्शाता है। गैल-पीटर्स प्रक्षेपण जैसे विकल्प क्षेत्रफल के लिहाज से अधिक सटीक माने जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र में इस प्रस्ताव के पारित होने से शैक्षणिक संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में नए मानचित्र अपनाने का दबाव बनेगा। भारत की इस पहल को कूटनीतिक हलकों में ग्लोबल साउथ के नेतृत्व की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में संयुक्त राष्ट्र की विशेष समिति इस प्रस्ताव के क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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