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यूपी के स्कूलों की बदहाली उजागर करने वालों पर एफआईआर, कई गिरफ्तार

26/8/2026, 2:11:56 am
यूपी के स्कूलों की बदहाली उजागर करने वालों पर एफआईआर, कई गिरफ्तार
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में सरकारी स्कूलों की हालत लंबे समय से चर्चा में है। अभिभावक और शिक्षक लगातार शिकायत करते रहे हैं कि भवन जर्जर हैं, शौचालय नहीं हैं और पीने का पानी तक नहीं मिलता। हाल ही में दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने वाले जन अल्फा के कार्यकर्ताओं ने यूपी में बेहतर स्कूल और सड़क की मांग को लेकर फिर से आवाज उठाई। उन्होंने लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर के कई स्कूलों का दौरा किया और वहां की तस्वीरें लीं। उन्होंने स्कूल भवनों की टूटी दीवारें, छत से टपकता पानी, टूटी खिड़कियां और शिक्षकों की भारी कमी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इन तस्वीरों को हजारों लोगों ने देखा और शेयर किया। इसके बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं, स्थानीय पत्रकारों और एक सामाजिक कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। आरोप लगाया गया कि उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्था भंग की और गलत जानकारी फैलाई। पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक युवा नेता, एक फोटोग्राफर और एक ब्लॉगर शामिल हैं। उन्हें थाने ले जाकर पूछताछ की गई और बाद में जमानत पर रिहा किया गया। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारियों ने बिना अनुमति के सार्वजनिक स्थान पर जमा होकर नारेबाजी की, जिससे यातायात बाधित हुआ। इसलिए कानूनी कार्रवाई जरूरी थी। वहीं, मानवाधिकार संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया है। उनका कहना है कि स्कूलों की बदहाली जनहित का मुद्दा है और इसे उजागर करना नागरिक कर्तव्य है। संगठनों ने अदालत में याचिका दायर कर गिरफ्तारियों को चुनौती दी है। अदालत ने पुलिस से जवाब मांगा है और कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बेवजह रोका नहीं जा सकता। राज्य सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन शिक्षा विभाग ने जांच का आश्वासन दिया है। विभाग का कहना है कि स्कूलों की मरम्मत के लिए बजट बढ़ाया जा रहा है। स्थानीय लोग अब भी स्कूलों की मरम्मत, नए शौचालयों का निर्माण और शिक्षकों की नियमित नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। वे कहते हैं कि केवल एफआईआर से समस्या हल नहीं होगी। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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