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यूपी में मौसम का कहर: आंधी, बारिश और ओलों से 96 लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त

14/5/2026, 3:59:18 am
यूपी में मौसम का कहर: आंधी, बारिश और ओलों से 96 लोगों की मौत, जनजीवन अस्त-व्यस्त
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उत्तर प्रदेश इन दिनों प्रकृति के रौद्र रूप का सामना कर रहा है। पिछले कुछ दिनों से जारी खराब मौसम ने राज्य में भारी तबाही मचाई है, जिसमें 96 लोगों की दुखद मौत हो गई है। तेज आंधी, भारी बारिश और ओलावृष्टि ने पूरे प्रदेश में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने पहले ही कई जिलों के लिए तेज़ हवाओं के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई थी। पूर्वानुमान सही साबित हुआ और आसमान में बादलों की आवाजाही के बीच कई इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ले ली। राजधानी लखनऊ समेत कई बड़े शहरों में देर रात से सुबह तक बारिश होती रही, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई। सबसे ज़्यादा नुकसान ग्रामीण इलाकों और छोटे शहरों में हुआ है। आंधी-तूफान के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए, बिजली के खंभे गिर गए और कच्चे मकानों को भारी क्षति पहुंची। किसानों के लिए भी यह समय किसी आपदा से कम नहीं है। खेतों में खड़ी फसलें, खासकर दालें, सब्ज़ियां और फल, ओलावृष्टि से पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। उनकी कई महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है, जिससे उनके सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राज्य सरकार ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं। प्रभावित ज़िलों में टीमें भेजी गई हैं ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके और घायलों को चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। बिजली आपूर्ति की बहाली और सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाने का काम भी तेज़ी से चल रहा है। हालांकि, अभी भी मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में कुछ जिलों में आंधी और बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में प्रशासन को और भी सतर्क रहने की ज़रूरत है। यह प्राकृतिक आपदा केवल एक मौसम संबंधी घटना नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की आधारभूत संरचना और कृषि पर गहरा असर डाल रही है। सरकार को न केवल तत्काल राहत पर ध्यान देना होगा, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं भी बनानी होंगी ताकि जानमाल का नुकसान कम किया जा सके और प्रभावितों को जल्द से जल्द सामान्य जीवन में वापस लाया जा सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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