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अमेरिकी अदालत में मादुरो के खिलाफ मुकदमा खारिज होने की मांग, पत्नी ने दी छूट की दलील
3/9/2026, 4:52:10 am

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अमेरिका की एक संघीय अदालत में वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ चल रहे ड्रग तस्करी के मुकदमे को खारिज करने की मांग उठी है। मादुरो की पत्नी सिलिया फ्लोरेस ने अदालत से कहा है कि उनके पति को राष्ट्रपति पद की आधिकारिक छूट का लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक राष्ट्राध्यक्ष को विदेशी अदालत में मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।
फ्लोरेस ने अपनी याचिका में कहा कि मादुरो जब राष्ट्रपति थे तब उन्होंने कोई अपराध नहीं किया और उन पर लगाए गए आरोप राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं। अदालत ने अभी तक इस याचिका पर कोई फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन सुनवाई की तारीख तय कर दी गई है।
अमेरिकी न्याय विभाग ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मादुरो के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और उन्हें किसी भी तरह की छूट नहीं दी जा सकती। विभाग का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय कानून में राष्ट्राध्यक्ष की छूट केवल आधिकारिक कार्यों तक सीमित है, न कि निजी अपराधों के लिए।
मादुरो पर 2020 में अमेरिकी अभियोजकों ने कोकीन तस्करी और धन शोधन के आरोप लगाए थे। आरोप है कि उन्होंने वेनेजुएला की सेना और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को संचालित किया।
वेनेजुएला सरकार ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अमेरिका पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। काराकस में विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह मामला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करता है।
अमेरिका में इस मुकदमे की प्रगति पर लैटिन अमेरिका के कई देशों की नजर है। ब्राजील, अर्जेंटीना और कोलंबिया ने अपने विदेश मंत्रियों के माध्यम से अमेरिकी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।
कानूनी विश्लेषकों का कहना है कि राष्ट्रपति छूट का सिद्धांत अमेरिकी संविधान में नहीं है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय संधियों में इसका उल्लेख है। इसलिए अदालत का फैसला भविष्य के लिए मार्गदर्शक बनेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अदालत छूट को मान लेती है तो यह एक बड़ा पूर्वानुमान बनेगा और अन्य देशों के नेताओं के लिए भी रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर, यदि याचिका खारिज होती है तो मादुरो को अमेरिकी न्याय प्रणाली का सामना करना पड़ेगा।
इस मामले की अगली सुनवाई अगले महीने होगी और दोनों पक्ष अपने तर्क प्रस्तुत करेंगे। विश्व मीडिया इस घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है क्योंकि इसका असर अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर भी पड़ सकता है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
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