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ग्रीनलैंड विवाद सुलझा: अमेरिका-डेनमार्क ने किया ऐतिहासिक समझौता

19/9/2026, 4:28:02 am
ग्रीनलैंड विवाद सुलझा: अमेरिका-डेनमार्क ने किया ऐतिहासिक समझौता
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अमेरिका और डेनमार्क ने ग्रीनलैंड को लेकर चल रहे विवाद को सुलझाने के लिए एक नया समझौता किया है। पिछले कुछ हफ्तों में अमेरिकी अधिकारियों ने ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कही थी, जिससे डेनमार्क की सरकार नाराज हुई। इसके जवाब में डेनमार्क ने साफ कहा कि ग्रीनलैंड उसका आत्मनिर्भर क्षेत्र है और कोई भी बाहरी ताकत उस पर दावा नहीं कर सकती। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने बातचीत शुरू की और 12 मार्च को एक संयुक्त बयान जारी किया। संयुक्त बयान में कहा गया कि अमेरिका ग्रीनलैंड में अपनी सैन्य उपस्थिति बनाए रखेगा, लेकिन डेनमार्क की संप्रभुता का पूरा सम्मान करेगा। समझौते के तहत अमेरिका ग्रीनलैंड के हवाई अड्डों और रडार स्टेशनों का उपयोग जारी रख सकेगा। इसके बदले डेनमार्क को अमेरिकी निवेश और तकनीकी सहायता मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस समझौते को ऐतिहासिक बताया और कहा कि यह अमेरिका और अमेरिकी लोगों के लिए बड़ी जीत है। हालांकि कुछ विश्लेषक मानते हैं कि यह जीत केवल सैन्य रणनीति तक सीमित है और लंबे समय में दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ेगा। ग्रीनलैंड के स्थानीय नेताओं ने समझौते का स्वागत किया, लेकिन उन्होंने अपनी स्वायत्तता की रक्षा पर जोर दिया। समझौते के बाद आर्कटिक क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ने की उम्मीद है। यह समझौता आर्कटिक में बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा को देखते हुए किया गया है, जहां रूस और चीन भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। अमेरिका ने ग्रीनलैंड में अपने थुले एयर बेस को मजबूत करने की योजना भी घोषित की है, जिससे निगरानी क्षमता बढ़ेगी। डेनमार्क ने कहा है कि वह ग्रीनलैंड के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग स्थानीय लोगों की सहमति से ही करेगा। पर्यावरण संगठनों ने चेतावनी दी है कि सैन्य गतिविधियों से आर्कटिक की नाजुक पारिस्थितिकी को नुकसान पहुंच सकता है। दोनों देशों ने एक संयुक्त कार्यसमूह बनाने का फैसला किया है, जो हर छह महीने में प्रगति की समीक्षा करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से आर्कटिक में शांति बनाए रखने की नई रूपरेखा तैयार हो सकती है। यह समझौता भविष्य में दोनों देशों के सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर नजर रखे हुए है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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