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अमेरिका ने UN के 5 अरब डॉलर बकाया में से 850 मिलियन डॉलर जारी किए, ट्रंप की नीति में बदलाव

21/8/2026, 11:39:50 pm
अमेरिका ने UN के 5 अरब डॉलर बकाया में से 850 मिलियन डॉलर जारी किए, ट्रंप की नीति में बदलाव
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अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र के पांच अरब डॉलर के बकाया को लंबे समय तक रोक रखा था। अब विदेश मंत्रालय ने घोषणा की है कि 850 मिलियन डॉलर की पहली किस्त तुरंत जारी की जाएगी। यह फैसला तब आया जब ट्रंप प्रशासन की विदेश नीति में अचानक बदलाव देखा गया। पहले ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र को ‘अनावश्यक’ बताकर फंड रोक दिया था और कहा था कि अमेरिका अपने हिस्से का भुगतान नहीं करेगा। नई नीति के तहत अमेरिका अपने वित्तीय दायित्व पूरा करने को तैयार है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय दबाव, कांग्रेस की मंजूरी और घरेलू राजनीतिक गणना ने इस बदलाव को मजबूर किया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस भुगतान का स्वागत किया और कहा कि इससे शांति अभियान, मानवीय सहायता और जलवायु कार्यक्रमों को गति मिलेगी। अमेरिकी कांग्रेस ने हालिया विनियोग विधेयक में इस राशि को मंजूरी दी है। हालांकि कुछ सांसद अभी भी संयुक्त राष्ट्र के कामकाज और पारदर्शिता पर सवाल उठा रहे हैं। कुल मिलाकर, 850 मिलियन डॉलर संयुक्त राष्ट्र के वार्षिक बजट का एक हिस्सा है और बकाया के कुल पांच अरब डॉलर का केवल एक छोटा अंश है। इससे पहले 2017 से ही अमेरिका ने अपने वार्षिक योगदान का बड़ा हिस्सा रोक रखा था, जिससे कई शांति मिशन और मानवीय सहायता कार्यक्रम प्रभावित हुए। यूरोपीय संघ और कनाडा जैसे सहयोगी देशों ने भी अमेरिका पर दबाव डाला था कि वह अपना हिस्सा चुकाए। व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भुगतान बहाल करने से अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व छवि मजबूत होगी। हालांकि विपक्षी दल के कुछ सदस्यों ने चेतावनी दी कि बिना सुधार के केवल भुगतान करना काफी नहीं होगा। संयुक्त राष्ट्र के बजट कार्यालय के अनुसार, 2025-26 के वित्त वर्ष में कुल बजट 3.2 ट्रिलियन डॉलर का है, जिसमें अमेरिका का हिस्सा लगभग 22 प्रतिशत है। इस भुगतान से शांति रक्षा बलों के वेतन, खाद्य सहायता और जलवायु परिवर्तन अनुकूलन परियोजनाओं को तुरंत सहायता मिलेगी। अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति ने भी इस कदम का समर्थन किया और आगे की किस्तों के लिए समयसीमा तय करने को कहा। विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि आगे भी बकाया चुकाने की योजना तैयार की जा रही है और अगले वित्त वर्ष में और राशि जारी की जा सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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