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ईरानी ड्रोन हमलों के बीच अमेरिका ने यूरोप की अहम ड्रोन यूनिट बंद की

21/8/2026, 1:18:32 am
ईरानी ड्रोन हमलों के बीच अमेरिका ने यूरोप की अहम ड्रोन यूनिट बंद की
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अमेरिकी सेना ने जर्मनी के विबैक में स्थित अपनी 1st Battalion, 94th Field Artillery Regiment की ड्रोन युद्धक क्षमता वाली यूनिट को बंद करने का ऐलान किया है। यह यूनिट यूरोप में तैनात अमेरिकी बलों को ड्रोन खतरों से निपटने का प्रशिक्षण देती थी। पेंटागन के अधिकारियों के मुताबिक, यह फैसला सेना के पुनर्गठन और संसाधनों को प्राथमिकता वाले मोर्चों पर लगाने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, जानकार मानते हैं कि ईरान द्वारा हाल के महीनों में मध्य-पूर्व और लाल सागर में किए गए ड्रोन हमलों ने अमेरिकी रक्षा योजनाकारों को चिंता में डाल दिया है। यूनिट के सैनिकों को दूसरी तैनाती पर भेजा जाएगा। उनके पास मौजूद ड्रोन-रोधी उपकरण और प्रशिक्षण सामग्री दूसरी यूनिटों को हस्तांतरित होगी। अमेरिकी यूरोपीय कमान (EUCOM) ने कहा कि ड्रोन खतरे से निपटने की क्षमता बनी रहेगी, बस ढांचा बदलेगा। ईरान ने शहीद-136 और मोहाजेर-6 जैसे ड्रोनों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया है। ये ड्रोन कम लागत वाले, मगर सटीक वार करने में सक्षम हैं। यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना ने भी ईरानी ड्रोनों का खूब उपयोग किया है। इससे नाटो देशों की वायु रक्षा प्रणालियों पर दबाव बढ़ा है। अमेरिका अब अपना ध्यान हिंद-प्रशांत क्षेत्र और चीन की चुनौती पर केंद्रित कर रहा है। सेना का नया डॉक्ट्रिन 'मल्टी-डोमेन ऑपरेशंस' पर जोर देता है, जहां ड्रोन युद्ध अहम भूमिका निभाएगा। यूरोप में ड्रोन प्रशिक्षण का काम अब संयुक्त अभ्यासों और सहयोगी देशों के साथ साझा प्रशिक्षण के जरिये चलेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यूनिट बंद करने से तात्कालिक प्रशिक्षण क्षमता घटेगी, पर दीर्घकाल में लचीला ढांचा बनेगा। नाटो सहयोगी देश भी अपनी ड्रोन-रोधी क्षमता बढ़ा रहे हैं। पोलैंड, रोमानिया और बाल्टिक देशों ने हाल में नए वायु रक्षा सौदे किए हैं।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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