लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

यूएसएस अब्राहम लिंकन पर 250 दिन की तैनाती के बाद नाविकों ने कूदने की कोशिश की, पेंटागन जांच करेगा

14/8/2026, 8:05:36 am
यूएसएस अब्राहम लिंकन पर 250 दिन की तैनाती के बाद नाविकों ने कूदने की कोशिश की, पेंटागन जांच करेगा
Original publisher image
अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात करीब चार हज़ार नाविक पिछले 250 दिन से लगातार समंदर में हैं, बिना किसी बंदरगाह पर रुके। इस लंबी तैनाती के दौरान नाविकों को छोटे-छोटे कमरों में रहना पड़ रहा है, खाने की विविधता कम है और इंटरनेट की सुविधा भी सीमित है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इन हालात ने कई नाविकों की मानसिक सेहत पर बुरा असर डाला है और कुछ ने तो जहाज़ से कूदने की कोशिश भी की। चालक दल के साथी और अधिकारी ने वक्त पर हस्तक्षेप करके उन नाविकों को बचा लिया, लेकिन घटना ने पूरे बेड़े में चिंता फैला दी। पेंटागन ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और कहा है कि वह पूरी जांच करेगा ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों। नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि नाविकों को नियमित काउंसलिंग सत्र, अतिरिक्त आराम के घंटे और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मदद दी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि 250 दिन जैसी लंबी समुद्री तैनाती से तनाव, नींद की कमी और अकेलापन तेज़ी से बढ़ता है, जिससे आत्महत्या की प्रवृत्ति भी उभर सकती है। अमेरिकी कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने भी नौसेना से तैनाती की अवधि कम करने और बंदरगाह पर नियमित ब्रेक देने की मांग की है। फिलहाल यूएसएस अब्राहम लिंकन अपने अभियान पर बना हुआ है, जबकि पेंटागन की जांच जारी है और रिपोर्ट आने का इंतज़ार किया जा रहा है। पिछले साल भी एक अन्य विमानवाहक पोत पर इसी तरह की घटना सामने आई थी, जब एक नाविक ने आत्महत्या की कोशिश की थी। नौसेना ने तब से 'नाविक देखभाल कार्यक्रम' शुरू किया, जिसमें 24 घंटे की हेल्पलाइन और साथी नाविकों द्वारा सहायता शामिल है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि केवल कार्यक्रम काफी नहीं हैं; तैनाती की लंबाई और ऑपरेशनल टेंपो को भी संतुलित करना होगा। पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा, "हम नाविकों की सुरक्षा और कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और हर संभव कदम उठाएंगे।" समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित