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सेमीकंडक्टर उद्योग को वैष्णव की चेतावनी: साइबर हमलों के लिए तैयार रहें

20/9/2026, 7:23:24 am
सेमीकंडक्टर उद्योग को वैष्णव की चेतावनी: साइबर हमलों के लिए तैयार रहें
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केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को सेमीकंडक्टर उद्योग को साफ शब्दों में चेताया। उन्होंने कहा कि चिप निर्माण और डिजाइन से जुड़ी कंपनियों को साइबर हमलों समेत तमाम खतरों के लिए अभी से तैयार रहना होगा। वैष्णव ने यह बात नई दिल्ली में आयोजित एक उद्योग सम्मेलन में कही। मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत अब चिप डिजाइन और फैब्रिकेशन का बड़ा हब बनने की राह पर है। ऐसे में बौद्धिक संपदा की चोरी, डेटा सेंधमारी और सप्लाई चेन में सेंध जैसे जोखिम बढ़ेंगे। उन्होंने उद्योग जगत से अपील की कि वे सुरक्षा ऑडिट, थ्रेट मॉडलिंग और इंसिडेंट रिस्पॉन्स प्लान को अपने कारोबारी ढांचे का अनिवार्य हिस्सा बनाएं। वैष्णव ने सरकार की ओर से उठाए गए कदमों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीति को अपडेट किया जा रहा है। साथ ही, सेमीकंडक्टर फैब और डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव योजना के तहत मंजूर परियोजनाओं के लिए सुरक्षा मानक अनिवार्य किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि सीईआरटी-इन और एनसीआईआईपीसी के साथ मिलकर उद्योग के लिए रियल-टाइम थ्रेट इंटेलिजेंस साझा करने का तंत्र बनाया जा रहा है। उद्योग प्रतिनिधियों ने मंत्री की चिंताओं से सहमति जताई। कई कंपनियों ने माना कि उनके नेटवर्क पर लगातार हमले के प्रयास होते हैं। एक प्रमुख चिप डिजाइन फर्म के अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले छह महीने में उनके सिस्टम पर रैंसमवेयर के तीन प्रयास हुए, जिन्हें समय रहते रोक लिया गया। वैष्णव ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हर कंपनी को अपने स्तर पर जीरो-ट्रस्ट आर्किटेक्चर अपनाना होगा। साथ ही, कर्मचारियों को नियमित साइबर प्रशिक्षण देना अनिवार्य है। मंत्री ने चेताया कि लापरवाही की कीमत पूरे इकोसिस्टम को चुकानी पड़ सकती है। सम्मेलन में सेमीकंडक्टर मिशन के सीईओ ने भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि भारत में पांच सेमीकंडक्टर परियोजनाएं विभिन्न चरणों में हैं। इनमें दो फैब और तीन असेंबली-टेस्ट इकाइयां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाली परियोजनाओं को प्रोत्साहन राशि नहीं मिलेगी। उद्योग संगठनों ने सरकार से मांग की कि साइबर बीमा ढांचा विकसित किया जाए। साथ ही, छोटी और मझोली कंपनियों के लिए सुरक्षा ऑडिट की लागत साझा करने की योजना बने। वैष्णव ने इन सुझावों पर विचार का आश्वासन दिया। सरकार का लक्ष्य 2029 तक भारत को सेमीकंडक्टर हब के रूप में स्थापित करना है। वैष्णव ने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए भरोसेमंद और सुरक्षित इकोसिस्टम पहली शर्त है। उन्होंने उद्योग से कहा कि वे सुरक्षा को खर्च नहीं, बल्कि निवेश मानें। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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