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भारत

वंदे मातरम के दो पद गाने पर कांग्रेस को भाजपा का तीखा सवाल

19/8/2026, 6:28:52 am
वंदे मातरम के दो पद गाने पर कांग्रेस को भाजपा का तीखा सवाल
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नई दिल्ली में कांग्रेस के एक कार्यक्रम में वंदे मातरम के केवल पहले दो पद गाने का फैसला नए विवाद की वजह बन गया है। भाजपा ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कांग्रेस की मंशा पर सवाल उठाए हैं। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “वंदे मातरम हमारा राष्ट्रीय गीत है। इसके चुनिंदा पद गाकर कांग्रेस क्या संदेश देना चाहती है? क्या कोई दल राष्ट्र से बड़ा हो सकता है?” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लंबे समय से राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करती आई है। कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया देते हुए पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि पहले दो पद ही आधिकारिक रूप से स्वीकृत राष्ट्रीय गीत हैं। उन्होंने भाजपा पर बेवजह विवाद खड़ा करने का आरोप लगाया। “भाजपा के पास असली मुद्दों पर बोलने को कुछ नहीं, इसलिए वह प्रतीकों की राजनीति करती है,” खेड़ा ने कहा। इतिहासकारों के मुताबिक 1937 में कांग्रेस कार्यसमिति ने वंदे मातरम के पहले दो पद को ही राष्ट्रीय गीत के रूप में अपनाया था। बाद के पदों में कुछ धार्मिक प्रतीक होने की वजह से तब भी सहमति नहीं बनी थी। संविधान सभा ने 1950 में जन गण मन को राष्ट्रगान और वंदे मातरम के पहले दो पद को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने ट्वीट किया, “जो वंदे मातरम पूरा नहीं गा सकते, वे भारत माता की जय क्या बोलेंगे?” वहीं कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने संविधान सभा की बहस का हवाला देते हुए कहा कि संस्थापकों ने जानबूझकर केवल दो पद चुने थे। यह विवाद ऐसे समय आया जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है। दोनों दलों के सांसदों ने इस मुद्दे को सदन में भी उठाने के संकेत दिए हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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