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पश्चिम चंपारण के 57 गांवों का नक्शा‑खतियान तैयार, रैयत करा सकेंगे जमाबंदी

20/9/2026, 12:16:11 pm
पश्चिम चंपारण के 57 गांवों का नक्शा‑खतियान तैयार, रैयत करा सकेंगे जमाबंदी
पश्चिम चंपारण जिले के 57 गांवों के लिए नया नक्शा‑खतियान तैयार हो गया है। अब रैयत अपनी ज़मीन की जमाबंदी अपने नाम से करा सकेंगे। जिला प्रशासन ने शनिवार को यह जानकारी दी। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पहले इन गांवों का पुराना खतियान अधूरा था, जिससे जमाबंदी में दिक्कत आती थी। नए दस्तावेज़ में हर खेत का नक्शा, मालिक का नाम और क्षेत्रफल दर्ज है। इसे डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर भी अपलोड किया गया है, ताकि रैयत ऑनलाइन आवेदन कर सकें। ग्रामीणों ने इस कदम का स्वागत किया। किसान रामकुमार ने कहा, "पहले हमें पटवारी के चक्कर काटने पड़ते थे, अब घर बैठे काम हो जाएगा।" प्रशासन ने कहा कि अगले महीने से सभी 57 गांवों में कैंप लगाकर आवेदन लिए जाएंगे। अधिकारी ने बताया कि प्रक्रिया पूरी होने पर जमाबंदी प्रमाणपत्र तुरंत जारी होगा। इस पहल से भूमि विवाद कम होने की उम्मीद है। राजस्व मंत्री ने भी इसे किसानों के हक़ में बड़ा कदम बताया। साथ ही, डिजिटल रिकॉर्ड से भविष्य में किसी भी बदलाव को ट्रैक करना आसान होगा। ग्रामीण अब अपनी ज़मीन की सुरक्षा को लेकर ज्यादा निश्चिंत हैं। जिला कलेक्टर ने बताया कि नक्शा‑खतियान तैयार करने में करीब दो साल लगे। सर्वे टीम ने हर खेत का GPS से माप लिया और पुराने रिकॉर्ड से मिलान किया। अब रैयत को केवल आधार कार्ड, पहचान पत्र और पुराना जमाबंदी कागज़ लेकर कैंप में जाना होगा। ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवेदन की सुविधा दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भूमि का बाजार मूल्य भी स्पष्ट होगा और बैंक लोन लेने में आसानी होगी। ग्रामीण विकास विभाग ने इस योजना को पूरे बिहार में लागू करने का प्रस्ताव भेजा है। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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