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मानसून सत्र क्यों ठप रहा? विशेषज्ञों ने बताई असली वजह

15/8/2026, 3:24:55 am
मानसून सत्र क्यों ठप रहा? विशेषज्ञों ने बताई असली वजह
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संसद का मानसून सत्र इस बार उम्मीद के मुताबिक नहीं चल सका। पहले दिन से ही विपक्ष ने कई अहम मुद्दों पर हंगामा किया, जिससे कार्यवाही बार‑बार स्थगित होती रही। वरिष्ठ पत्रकार विनोद अग्निहोत्री, पीयूष पंत, पूर्णिमा त्रिपाठी, राकेश शुक्ल और एसके दत्ता ने एक विशेष चर्चा में इस पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ विधेयकों को जल्दी पास कराने की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। विश्लेषकों के अनुसार मुख्य वजह राजनीतिक मतभेद और विश्वास की कमी रही। विनोद अग्निहोत्री ने बताया कि संसदीय प्रक्रिया में विपक्ष की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। जब विपक्ष की आवाज़ सुनी नहीं जाती, तो सत्र ठप हो जाता है। पीयूष पंत ने कहा कि सत्र के दौरान समय प्रबंधन की कमी भी दिखी। महत्वपूर्ण बिलों पर चर्चा के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया, जिससे सदस्यों को तैयारी का मौका नहीं मिला। पूर्णिमा त्रिपाठी ने जोड़ा कि मीडिया की रिपोर्टिंग ने माहौल को गरमाया। सनसनीखेज खबरों ने दोनों पक्षों के बीच अविश्वास बढ़ाया। राकेश शुक्ल ने सुझाव दिया कि अगले सत्र से पहले सभी दल मिलकर एजेंडा तय करें। पूर्व‑निर्धारित कार्यसूची से अनावश्यक विवाद टाले जा सकते हैं। एसके दत्ता ने कहा कि संसद की गरिमा बनाए रखने के लिए नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है। अध्यक्ष की निष्पक्षता और सदस्यों की अनुशासनहीनता पर रोक लगाने से सत्र सुचारु चलेगा। कुल मिलाकर, इस बार का मानसून सत्र न तो विधायी काम पूरा कर सका और न ही जनता की उम्मीदों पर खरा उतरा। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले सत्र में सहयोग और पारदर्शिता बढ़ने पर ही संसद सुचारु रूप से चलेगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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