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टेक दिग्गज अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखते हैं, जानें क्यों

21/8/2026, 12:34:12 am
टेक दिग्गज अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखते हैं, जानें क्यों
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टेक कंपनियों के बड़े नाम अपने बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखते हैं। गूगल के सुंदर पिचाई, मेटा के मार्क जुकरबर्ग और माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला जैसे सीईओ अपने घरों में स्क्रीन टाइम पर सख्त नियम लागू करते हैं। उनका मानना है कि लगातार नोटिफिकेशन और लाइक की दौड़ बच्चों के मानसिक विकास को बाधित करती है। कई शोध बताते हैं कि अधिक सोशल मीडिया उपयोग से किशोरों में चिंता, अवसाद और नींद की कमी बढ़ती है। ये लीडर खुद वही डेटा देखते हैं और अपने परिवार के लिए अलग रास्ता चुनते हैं। वे बच्चों को आउटडोर खेल, पढ़ाई और आमने‑सामने बातचीत पर जोर देते हैं। आम माता‑पिता के लिए ऐसा करना मुश्किल होता है। स्कूल, दोस्त और विज्ञापन सभी बच्चों को ऑनलाइन खींचते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि माता‑पिता को स्पष्ट सीमाएं तय करनी चाहिए, जैसे रात में फोन बंद करना और परिवार के समय में डिवाइस रखना। कुछ देशों ने कानून बनाकर बच्चों के डेटा संरक्षण और आयु‑सीमा तय की है। भारत में भी डिजिटल नागरिकता पाठ्यक्रम शुरू हो रहा है। फिर भी, तकनीकी कंपनियों की जिम्मेदारी बनी रहती है कि वे अपने प्लेटफॉर्म को बाल‑सुरक्षित बनाएं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2023 में एक रिपोर्ट जारी की जिसमें 13‑17 साल के किशोरों में सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग को मानसिक स्वास्थ्य जोखिम से जोड़ा गया। टेक लीडर इस रिपोर्ट को अपने आंतरिक नीतियों में शामिल करते हैं। भारत में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी स्कूलों में डिजिटल सुरक्षा मॉड्यूल शुरू किया है। कई राज्य सरकारें अब मोबाइल फ़ोन के उपयोग पर दिशानिर्देश जारी कर रही हैं। प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और टिकटॉक ने हाल ही में ‘टाइम लिमिट’ और ‘पेरेंटल कंट्रोल’ फीचर जोड़े हैं, लेकिन आलोचक कहते हैं कि ये उपाय केवल सतही हैं। माता‑पिता को अपने बच्चों के साथ खुली बातचीत रखनी चाहिए और उन्हें ऑनलाइन गतिविधियों के फायदे‑नुकसान समझाने चाहिए। अंत में, टेक दिग्गजों का अपना उदाहरण दिखाता है कि सोशल मीडिया का संतुलित उपयोग संभव है। अगर बड़े‑बड़े सीईओ अपने बच्चों को इससे दूर रख सकते हैं, तो आम परिवार भी छोटे‑छोटे कदम उठाकर बड़ा फ़र्क ला सकते हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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