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विश्व संस्कृत दिवस पर जोरहाट में गूंजे श्लोक, गांव-गांव तक भाषा पहुंचाने का संकल्प

28/8/2026, 10:11:00 pm
विश्व संस्कृत दिवस पर जोरहाट में गूंजे श्लोक, गांव-गांव तक भाषा पहुंचाने का संकल्प
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विश्व संस्कृत दिवस पर जोरहाट में गूंजे श्लोक, गांव-गांव तक भाषा पहुंचाने का संकल्प असम के जोरहाट में शनिवार को विश्व संस्कृत दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्य आयोजन जोरहाट संस्कृत महाविद्यालय के प्रांगण में हुआ जहां सुबह से ही वेदपाठ और श्लोक उच्चारण का सिलसिला शुरू हो गया। प्रकांड विद्वानों ने वेद मंत्रों का सस्वर पाठ किया और छात्रों ने सरस्वती वंदना तथा गुरु वंदना प्रस्तुत की। वातावरण में ‘ॐ असतो मा सद्गमय’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे श्लोक गूंजते रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि असम संस्कृत बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. रमेश चंद्र शर्मा ने कहा कि संस्कृत केवल पूजा‑पाठ की भाषा नहीं, बल्कि विज्ञान, गणित और चिकित्सा का भी भंडार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस भाषा को गांव‑गांव तक ले जाने की जरूरत है। “संस्कृत हमारी विरासत है, इसे संजोना हम सबका कर्तव्य है,” उन्होंने कहा। जोरहाट जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त ने घोषणा की कि जिले के हर प्रखंड में संस्कृत शिक्षा केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों में निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा और ग्रामीण युवाओं को संस्कृत बोलना, पढ़ना और लिखना सिखाया जाएगा। इससे रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। स्थानीय विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि असम सरकार संस्कृत के प्रचार‑प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति में भी संस्कृत को महत्व दिया गया है और स्कूलों में इसे वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। छात्राओं ने संस्कृत गीतों पर नृत्य प्रस्तुत किया और स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर श्लोक गायन किया। आयोजकों ने बताया कि अगले वर्ष से जोरहाट के हर गांव में संस्कृत पाठशाला शुरू करने की योजना है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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