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जिम्बाब्वे नौका हादसे में 68 मौतें, सूर्यपथ तिरंगा अभियान से जुड़े 50 से अधिक दूतावास

15/8/2026, 11:52:00 pm
जिम्बाब्वे नौका हादसे में 68 मौतें, सूर्यपथ तिरंगा अभियान से जुड़े 50 से अधिक दूतावास
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जिम्बाब्वे के लुईस झील में हुए नौका हादसे में बचाव दल ने शुक्रवार को 22 और शव बरामद किए। इसके साथ ही इस दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या 68 हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि नौका में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे। हादसा गुरुवार दोपहर को हुआ जब नौका तट से कुछ ही दूरी पर पलट गई। स्थानीय मछुआरों और गोताखोरों ने रातभर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस प्रवक्ता पॉल न्याथी ने बताया कि नौका में करीब 100 लोग सवार थे। अब तक 32 लोगों को जीवित बचाया गया है। लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है। राष्ट्रपति इमर्सन मनांगाग्वा ने हादसे पर शोक जताया और जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। दूसरी ओर, विदेश मंत्रालय का 'सूर्यपथ तिरंगा' अभियान रफ्तार पकड़ रहा है। इस अभियान से अब तक 50 से अधिक भारतीय दूतावास और उच्चायोग जुड़ चुके हैं। इसका मकसद विदेशों में बसे भारतीय समुदाय को जोड़ना और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पहल की सराहना की। अभियान के तहत दूतावासों में योग सत्र, हिंदी कार्यक्रम, भारतीय कला प्रदर्शनियों जैसे आयोजन हो रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, खाड़ी देशों और अफ्रीकी मिशनों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई है। मंत्रालय के अनुसार, आने वाले हफ्तों में और दूतावास इससे जुड़ेंगे। दोनों घटनाएं अलग-अलग मोर्चों पर भारत की वैश्विक उपस्थिति और चुनौतियों को दिखाती हैं। जहां जिम्बाब्वे में भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है, वहीं सूर्यपथ तिरंगा अभियान सॉफ्ट पावर को मजबूत कर रहा है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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