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AI बॉस ने पहली बार इंसान को नौकरी से निकाला, 17 बार देर से आने पर बर्खास्तगी

16/8/2026, 11:04:56 pm
AI बॉस ने पहली बार इंसान को नौकरी से निकाला, 17 बार देर से आने पर बर्खास्तगी
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एक नई घटना ने दुनियाभर के कार्यस्थलों में चर्चा छेड़ दी है। एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बॉस ने पहली बार किसी इंसान को नौकरी से निकाल दिया। मामला एक मल्टीनेशनल कंपनी का है जहां AI सिस्टम ‘लूना’ कर्मचारियों की उपस्थिति और प्रदर्शन पर नजर रखती है। लूना ने एक 28 वर्षीय कर्मचारी को 23 शिफ्ट में 17 बार देर से आने के कारण बर्खास्त कर दिया। कंपनी के अनुसार इस देरी से करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हुआ। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि लूना का फैसला पूरी तरह डेटा पर आधारित था और कोई मानवीय हस्तक्षेप नहीं हुआ। कर्मचारी को पहले चेतावनी दी गई थी, लेकिन सुधार नहीं हुआ, इसलिए AI ने स्वतः ही नोटिस जारी कर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना भविष्य में कामकाज के तौर‑तरीके बदल सकती है। AI के हाथों में नियुक्ति और बर्खास्तगी के अधिकार देने से पारदर्शिता बढ़ सकती है, पर नैतिक सवाल भी खड़े होते हैं। कर्मचारी के पास अपील का कोई मंच नहीं था, जिससे श्रमिक संगठनों में नाराज़गी फैली। ट्रेड यूनियन ने इस कदम को ‘अमानवीय’ बताया और मांग की कि AI के फैसलों पर मानवीय समीक्षा अनिवार्य हो। सरकार भी इस पर नीति बनाने पर विचार कर रही है, ताकि स्वचालित निर्णयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। भारत में भी कई स्टार्टअप AI आधारित निगरानी अपना रहे हैं, लेकिन कानूनी ढांचा अभी स्पष्ट नहीं है। फिलहाल कंपनी ने लूना के एल्गोरिदम की जांच शुरू कर दी है और आगे चलकर ऐसे सिस्टम को और जवाबदेह बनाने की कोशिश होगी। विश्व स्तर पर इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं, क्योंकि अधिक कंपनियां उत्पादकता मापने के लिए AI निगरानी अपना रही हैं। नैतिक दिशानिर्देश बनाने की जरूरत अब अधिक महसूस हो रही है, ताकि मशीन के फैसले मानवीय मूल्यों के अनुरूप रहें। बर्खास्त कर्मचारी ने कहा कि उसे अपनी गलती सुधारने का मौका नहीं मिला, जिससे उसका भविष्य अनिश्चित हो गया। AI तकनीक अभी भी मानवीय संदर्भ समझने में सीमित है, इसलिए पूरी तरह स्वचालित बर्खास्तगी जोखिम भरी हो सकती है। आने वाले वर्षों में सरकारें और उद्योग मिलकर स्पष्ट नियम बनाएंगे, ताकि AI श्रम अधिकारों का उल्लंघन न करे। इस घटना ने तकनीक और इंसान के रिश्ते पर नई बहस छेड़ दी है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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