लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

आकृति चौधरी को मुआवजा देंगे डीएम-अफसर, हाईकोर्ट ने कहा- 'उम्मीद जिंदा शब्द है'

8/9/2026, 10:52:54 am
आकृति चौधरी को मुआवजा देंगे डीएम-अफसर, हाईकोर्ट ने कहा- 'उम्मीद जिंदा शब्द है'
Original publisher image
नोएडा के सेक्टर-58 में अप्रैल के मध्य श्रमिकों ने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता आकृति चौधरी भी मजदूरों के समर्थन में पहुंचीं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत निरुद्ध कर दिया, जबकि उनके खिलाफ कोई गंभीर आपराधिक सबूत नहीं पाया गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में सख्त टिप्पणी की। जस्टिस विवेक चौधरी और जस्टिस मनीष माथुर की बेंच ने कहा कि शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल नागरिक पर एनएसए लगाना सत्ता का दुरुपयोग है। अदालत ने पाया कि जिलाधिकारी ने पर्याप्त जांच के बिना निरुद्धि आदेश जारी किया और पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया कि जिलाधिकारी तथा संबंधित पुलिस अधिकारी अपने व्यक्तिगत वेतन से आकृति चौधरी को पाँच‑पाँच लाख रुपये का मुआवजा दें। यह राशि चार सप्ताह के भीतर अदा की जानी होगी। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी अपनी कानूनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकते; उनका कर्तव्य है कि वे कानून का पालन करवाएँ, न कि मनमानी चलाएँ। फैसले में एक उल्लेखनीय टिप्पणी भी की गई – "उम्मीद एक जिंदा शब्द है। इसे किसी कानून की आड़ में कैद नहीं किया जा सकता।" इस पंक्ति को नागरिक अधिकार विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण माना है। उनका मानना है कि यह निर्णय भविष्य में इसी तरह के दुरुपयोग को रोकने में मदद करेगा। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित