लाइव
टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।टाइम्स न्यूज़ नाउ में आपका स्वागत है — सिर्फ सच।ऑटो-पब्लिशिंग इंजन तैयार है। एडमिन → ऑटोमैटिक से कॉन्फ़िगर करें।
विश्व

नेपाल बाढ़: सुरंग में नौ दिन फंसे दो कर्मचारी ज़िंदा निकाले गए

4/9/2026, 4:39:52 am
नेपाल बाढ़: सुरंग में नौ दिन फंसे दो कर्मचारी ज़िंदा निकाले गए
Source feed image
नेपाल के मध्य पहाड़ी इलाके में पिछले हफ्ते लगातार बारिश से भूस्खलन हुआ और एक छोटी सुरंग का मुंह बंद हो गया। सुरंग में काम कर रहे दो कर्मचारी अचानक अंदर फंस गए और बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। दोनों कर्मचारी नेपाल विद्युत प्राधिकरण (एनईए) के रखरखाव दल के सदस्य थे। उनकी पहचान सुरेश कुमार (32) और राम बहादुर (28) के रूप में हुई। पहले दिन उन्होंने हाथ में रखे टॉर्च और थोड़ा खाना खाकर खुद को जिंदा रखने की कोशिश की, लेकिन ऑक्सीजन कम थी और पानी धीरे‑धीरे बढ़ रहा था। नौ दिन तक वे अंधेरी सुरंग में रहे। उन्होंने रिसते पानी से प्यास बुझाई और कभी‑कभी टूटे पत्थरों से हल्का खाना बनाया। बचाव दल ने कंप्रेस्ड एयर पंप और मलबा हटाने वाली मशीनें भेजीं, पर लगातार बारिश से नया मलबा गिरता रहा और काम धीमा पड़ गया। दसवें दिन सुबह बचावकर्मियों ने सुरंग के दूसरे छोर से हल्की आवाज़ सुनी। उन्होंने तुरंत उसी दिशा में मलबा हटाना शुरू किया और दो घंटे बाद एक संकीर्ण रास्ते से दोनों को बाहर निकाला। निकाले जाने पर दोनों हल्के डीहाइड्रेटेड और कमज़ोर थे, मगर होश में थे। नेपाल विद्युत प्राधिकरण की कर्मचारी शोभा पौडेल ने बीबीसी को बताया, “सुरंग में नौ दिन तक फंसे रहने के बाद दसवें दिन दोनों लोगों के ज़िंदा पाए जाने की खबर से बचावकर्मी और एनईए के कर्मचारी भावुक हो गए।” उन्होंने कहा कि इस घटना ने टीम का मनोबल बढ़ाया और भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने की तैयारी तेज़ की जाएगी। स्थानीय प्रशासन ने सुरंग की जांच के आदेश दिए हैं और बारिश के मौसम में निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों को सख्त करने का फैसला लिया है। प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद भी दी जा रही है। बचाव अभियान में नेपाली सेना, पुलिस और स्थानीय स्वयंसेवकों ने मिलकर काम किया। हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री और चिकित्सा दल भी पहुंचाए गए। डॉक्टरों ने दोनों को तुरंत अस्पताल ले जाकर इलाज शुरू किया। ग्रामीणों ने बचाव दल का स्वागत किया और उन्हें खाना‑पानी दिया। सोशल मीडिया पर इस घटना की तस्वीरें वायरल हुईं और पूरे देश में लोगों ने दुआएं मांगी। प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने भी ट्वीट कर बचावकर्मियों की सराहना की। एनईए ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरंगों के प्रवेश द्वार पर जल निकासी प्रणाली और आपातकालीन निकास बनाने का प्रस्ताव रखा है। इंजीनियरों की टीम अब पूरे क्षेत्र का सर्वे कर रही है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

संबंधित