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मणिपुर: भाजपा विधायक के घर के पीछे बम धमाका, मुख्यमंत्री ने मौके का जायज़ा लिया

28/8/2026, 2:02:47 am
मणिपुर: भाजपा विधायक के घर के पीछे बम धमाका, मुख्यमंत्री ने मौके का जायज़ा लिया
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मणिपुर की राजधानी इम्फाल में शनिवार शाम करीब साढ़े छह बजे एक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट स्थानीय भाजपा विधायक के आवास के पिछले हिस्से में हुआ, जिससे आसपास के मकानों की खिड़कियां टूट गईं और कम से कम बारह लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार विस्फोटक उपकरण एक छोटे बैग में छिपाकर रखा गया था। धमाके की आवाज़ कई किलोमीटर तक सुनी गई, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। धमाके के बाद पुलिस ने तुरंत इलाके को सील कर दिया और आसपास के घरों को खाली कराया। घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से विस्तृत बातचीत की, घायलों का हाल जाना और घटनास्थल का मुआयना किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द पकड़ा जाएगा, सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा तथा उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील भी की। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी है। फोरेंसिक टीम विस्फोटक के प्रकार, उसकी क्षमता और उत्पत्ति का पता लगा रही है। सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर डेटा भी खंगाले जा रहे हैं। अब तक किसी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां आतंकी गतिविधि की आशंका से इनकार नहीं कर रही हैं। जांच दल ने आसपास के गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। विधायक ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि वे जनता की सुरक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएंगे। उन्होंने पुलिस को पूरी सहायता का आश्वासन दिया और नागरिकों से सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने का अनुरोध किया। विधायक ने यह भी कहा कि वे अपने निर्वाचन क्षेत्र में सुरक्षा चौकियों को बढ़ाने की मांग करेंगे। विपक्षी दलों ने सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले महीनों में कई छोटे विस्फोट हुए हैं, फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस और अन्य दलों ने केंद्र से अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की है। सत्ताधारी दल ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए जांच में तेजी लाने और दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया। मणिपुर में पिछले कुछ वर्षों से जातीय तनाव और उग्रवादी गतिविधियां बढ़ी हैं। मई 2023 में हुई बड़ी जातीय हिंसा के बाद से सुरक्षा बलों ने कई ऑपरेशन चलाए हैं, लेकिन छिटपुट हमले जारी हैं। ताजा धमाका इस बात का संकेत देता है कि आंतरिक सुरक्षा चुनौती अब भी गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय गुटों और बाहरी तत्वों की मिलीभगत से स्थिति और बिगड़ सकती है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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