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ब्रिक्स गाला डिनर में शी जिनपिंग और अबू धाबी क्राउन प्रिंस गैरहाजिर

13/9/2026, 12:11:07 am
ब्रिक्स गाला डिनर में शी जिनपिंग और अबू धाबी क्राउन प्रिंस गैरहाजिर
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नई दिल्ली में 13 सितंबर 2026 को ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तहत आयोजित गाला डिनर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद अल नहयान शामिल नहीं हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिनर की मेजबानी की और सदस्य देशों के नेताओं के साथ अनौपचारिक बातचीत की। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। चीनी राष्ट्रपति की गैरमौजूदगी पर मीडिया और कूटनीतिक हलकों में कई अटकलें लग रही हैं। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन अपने आंतरिक आर्थिक सुधारों में व्यस्त है, जबकि अन्य इसे एक रणनीतिक संकेत मानते हैं। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के कार्यालय ने एक बयान जारी कर कहा कि पूर्वनिर्धारित अंतरराष्ट्रीय दौरे के कारण वे रात्रिभोज में नहीं आ सके। उन्होंने भविष्य में ब्रिक्स मंच पर सक्रिय भागीदारी का आश्वासन दिया। डिनर में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लुला दा सिल्वा, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और भारत के प्रधानमंत्री मोदी मौजूद थे। सभी नेताओं ने एक दूसरे से हाथ मिलाया और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पत्रकारों से कहा कि दो बड़े नेताओं की अनुपस्थिति का असर किसी भी समझौते पर नहीं पड़ेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स सहयोग निरंतर जारी रहेगा और नई परियोजनाएं जल्द शुरू होंगी। सम्मेलन के अगले सत्र में आर्थिक सहयोग, जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य सुरक्षा और तकनीकी आदान-प्रदान जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। भारत ने डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को साझा करने का प्रस्ताव रखा। ब्रिक्स की स्थापना 2009 में हुई थी और इसके सदस्य देश विश्व की लगभग 40 प्रतिशत आबादी और 25 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मंच का मकसद बहुपक्षीय सहयोग बढ़ाना है। भारत ने नई विकास बैंक (NDB) के लिए अतिरिक्त पूंजी जुटाने का प्रस्ताव रखा, ताकि बुनियादी ढांचे और हरित परियोजनाओं को तेजी से वित्तपोषित किया जा सके। मोदी ने कहा कि यह बैंक विकासशील देशों की आवाज बनेगा। चीन की अनुपस्थिति के बावजूद, ब्रिक्स के अन्य सदस्यों ने एकजुटता दिखाई और संयुक्त बयान में कहा कि वे साझा हितों पर काम करते रहेंगे। रूस और ब्राजील ने खासकर ऊर्जा सुरक्षा पर जोर दिया। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने भविष्य में ब्रिक्स देशों के साथ निवेश और तकनीकी सहयोग बढ़ाने का संकेत दिया। उनके सलाहकार ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र ब्रिक्स के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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