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सावन में बिना प्याज-लहसुन का नाश्ता: चंपारण जलपान पर साल के पत्ते में परोसा जाता है सात्विक स्वाद

17/8/2026, 3:47:42 am
सावन में बिना प्याज-लहसुन का नाश्ता: चंपारण जलपान पर साल के पत्ते में परोसा जाता है सात्विक स्वाद
सावन का महीना शुरू होते ही बिहार के चंपारण में एक खास ठिकाने पर भीड़ बढ़ जाती है। शहर के बीचोंबीच स्थित 'चंपारण जलपान' उन लोगों की पहली पसंद बन जाता है जिन्हें बिना प्याज-लहसुन का शुद्ध शाकाहारी नाश्ता चाहिए। यहां साल के बड़े पत्तों पर खाना परोसा जाता है — एक परंपरा जो स्वाद के साथ सेहत का भी ख्याल रखती है। दुकान के मालिक राजेश कुमार बताते हैं कि यह सिलसिला पिछले 15 साल से चल रहा है। "सावन में लोग प्याज-लहसुन छोड़ देते हैं। हम उनकी जरूरत समझते हैं और पूरी शुद्धता से खाना बनाते हैं," वे कहते हैं। मेन्यू में पूरी-सब्जी, कचौरी, जलेबी, दही-चूड़ा और मौसमी फल शामिल हैं। सब कुछ देसी घी में तैयार होता है। साल के पत्ते पर परोसने की वजह पूछने पर राजेश मुस्कुराते हुए कहते हैं, "प्लास्टिक या थर्मोकॉल सेहत के लिए ठीक नहीं। साल का पत्ता प्राकृतिक है, खाने की खुशबू बढ़ाता है और फेंकने पर मिट्टी में मिल जाता है।" ग्राहक भी इस पहल की तारीफ करते हैं। स्थानीय निवासी सुनील शर्मा कहते हैं, "यहां का स्वाद घर जैसा लगता है। पत्ते पर खाने का अपना मजा है।" सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलने वाली इस दुकान पर सावन के सोमवार को खास भीड़ रहती है। कई ग्राहक तो पूरे महीने रोज आते हैं। राजेश बताते हैं कि रोजाना करीब 300-400 प्लेट नाश्ता निकल जाता है। कीमतें भी जेब पर भारी नहीं — पूरी-सब्जी 30 रुपये, कचौरी 20 रुपये और दही-चूड़ा 40 रुपये में मिल जाता है। चंपारण जलपान अब सिर्फ दुकान नहीं, एक पहचान बन चुका है। बाहर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक भी यहां रुकना नहीं भूलते। सावन बीत जाने के बाद भी लोग इसके स्वाद को याद करते हैं। समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Champaran (Hindi)

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