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अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान को चीन का साथ, क्या बेअसर होंगे प्रतिबंध?

25/8/2026, 1:19:17 pm
अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद ईरान को चीन का साथ, क्या बेअसर होंगे प्रतिबंध?
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अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए हैं और इन्हें "आर्थिक डी-डे" कहा है। वाशिंगटन का दावा है कि ये कदम ईरान की अर्थव्यवस्था को झकझोर देंगे और तेल निर्यात को लगभग शून्य पर ला देंगे। ईरान ने तुरंत जवाब दिया कि उसके पास इन प्रतिबंधों से निपटने की पूरी योजना है। तेहरान के अधिकारियों ने कहा कि वे घरेलू उत्पादन बढ़ाएंगे, वैकल्पिक बाजार तलाशेंगे और अपनी मुद्रा की स्थिरता बनाए रखने के लिए नई वित्तीय व्यवस्था अपनाएंगे। इस बीच चीन ने खुलकर ईरान का साथ दिया है। बीजिंग ने घोषणा की कि वह ईरान के साथ व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को जारी रखेगा। चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा कि एकतरफा प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ हैं और वे बहुपक्षीय सहयोग को नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि चीन का समर्थन अमेरिकी दबाव को काफी हद तक कम कर सकता है। चीन ईरान से हर महीने लाखों बैरल तेल खरीदता है और बड़े पैमाने पर रेल, बंदरगाह और ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश करता है। इससे ईरान को नकदी प्रवाह बना रहेगा और उसकी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटेगा। हालांकि, अमेरिका ने चीन को भी चेतावनी दी है कि वह प्रतिबंधों का उल्लंघन न करे। वाशिंगटन ने कहा कि किसी भी देश को ईरान के साथ वित्तीय लेन-देन करने पर सेकेंडरी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा, जिसमें बैंकिंग सेवाओं पर रोक और संपत्ति जब्ती शामिल हैं। क्षेत्रीय विश्लेषकों का कहना है कि स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है। अगर चीन अपने वादे पूरे करता है और अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणाली के विकल्प तैयार करता है तो ईरान की अर्थव्यवस्था को कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन अमेरिकी दबाव और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग नेटवर्क की सख्ती अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। ईरान ने भी घरेलू स्तर पर आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए कृषि, दवा और तकनीकी क्षेत्रों में निवेश तेज किया है। सरकार ने नए निर्यात बाजारों की तलाश में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण पूर्व एशिया के देशों से बातचीत शुरू की है। आने वाले हफ्तों में दोनों पक्षों की बातचीत और कार्रवाई पर नजर रहेगी। देखना होगा कि क्या चीन का सहयोग वास्तव में प्रतिबंधों को बेअसर कर पाता है या नहीं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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