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सीआरपीएफ कमांडेंट को 3000 किमी दूर अटैच किया, कहा खुली गिरफ्तारी

9/9/2026, 1:41:58 am
सीआरपीएफ कमांडेंट को 3000 किमी दूर अटैच किया, कहा खुली गिरफ्तारी
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सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ कमांडेंट को उनके मौजूदा तैनाती स्थल से लगभग तीन हजार किलोमीटर दूर एक नई पोस्टिंग पर अटैच कर दिया गया है। आदेश गृह मंत्रालय के निर्देश पर जारी हुआ और इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया गया। कमांडेंट ने इस आदेश को खुली गिरफ्तारी करार दिया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस वजह के इतनी दूर भेजा जाना उनके संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि यह कार्रवाई बदले की भावना से प्रेरित लगती है। अपनी नाराजगी जताने के लिए कमांडेंट ने सीधे राष्ट्रपति भवन को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने डीआईजी विजिलेंस पर गलत तरीके से जांच शुरू करने और उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है ताकि न्याय मिल सके। डीआईजी विजिलेंस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अटैचमेंट प्रशासनिक आधार पर किया गया है और किसी भी व्यक्तिगत द्वेष का कोई सबूत नहीं है। विभाग का दावा है कि यह स्थानांतरण नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है और इसमें कोई अनियमितता नहीं बरती गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एक स्वतंत्र जांच समिति गठित की है। समिति को दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। तब तक कमांडेंट की नई तैनाती पर रोक लगा दी गई है और उन्हें वर्तमान स्थान पर ही बने रहने को कहा गया है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगर जांच में बदले की कार्रवाई साबित होती है तो कमांडेंट अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। संविधान के अनुच्छेद 311 के तहत सरकारी कर्मचारी को बिना उचित प्रक्रिया के हटाया नहीं जा सकता। इस आधार पर याचिका दायर करने का विकल्प खुला रहेगा। सीआरपीएफ मुख्यालय ने अभी तक कोई आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है। सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और जल्द ही स्पष्टीकरण दे सकते हैं। इस बीच, बल के अन्य अधिकारी भी अपने अधिकारों को लेकर सतर्क हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अटैचमेंट आदेश की प्रति कमांडेंट को 24 घंटे के भीतर सौंपी गई थी, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया। इसके बाद विभाग ने लिखित स्पष्टीकरण मांगा, जिस पर कमांडेंट ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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