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अमेरिकी हमला ईरानी टैंकरों पर, नेपाल में भूकंप, यरुशलम में ब्रिटिश दूतावास बंद

8/9/2026, 11:50:34 pm
अमेरिकी हमला ईरानी टैंकरों पर, नेपाल में भूकंप, यरुशलम में ब्रिटिश दूतावास बंद
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अमेरिकी नौसेना ने सोमवार को ईरान के दक्षिणी तट पर दो तेल टैंकरों पर हवाई हमला किया। पेंटागन ने कहा कि ये टैंकर ईरान की सरकार को वित्तीय मदद पहुंचा रहे थे, इसलिए उन्हें रोकने की कार्रवाई की गई। हमले में दोनों जहाज क्षतिग्रस्त हुए और चालक दल को सुरक्षित निकाल लिया गया। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और संयुक्त राष्ट्र में शिकायत दर्ज कराने की बात कही। पेंटागन ने यह भी स्पष्ट किया कि हमला केवल नौसैनिक संपत्तियों तक सीमित था और नागरिक ठिकानों को निशाना नहीं बनाया गया। इसी बीच मंगलवार सुबह नेपाल के मध्य भाग में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया। झटके काठमांडू, पोखरा और आसपास के इलाकों में महसूस हुए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि गहराई दस किलोमीटर थी और बाद में कुछ हल्के झटके भी दर्ज किए गए। लोग घरों से निकलकर सड़कों पर जमा हो गए और बचाव दल तैनात कर दिए गए। किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भेजने की घोषणा की है और चिकित्सा दलों को तैनात किया गया है। दूसरी ओर यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास को अचानक बंद कर दिया गया। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए यह कदम उठाया, हालांकि किसी विशेष खतरे का विवरण नहीं दिया। स्थानीय मीडिया के अनुसार हाल के हमलों और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया। दूतावास के कर्मचारियों को अस्थायी रूप से तेल अवीव स्थानांतरित कर दिया गया है। ब्रिटेन ने अपने नागरिकों को यरुशलम यात्रा टालने की सलाह दी है और सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। इन तीन घटनाओं ने पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के बीच संबंधों को और जटिल बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान‑अमेरिका टकराव जारी रहा तो कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ सकता है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों पर दबाव बढ़ेगा। नेपाल में भूकंप की निगरानी जारी है और सरकार ने राहत कार्यों की तैयारी तेज कर दी है। तेल बाजार में कीमतों में उतार‑चढ़ाव देखा जा रहा है और विश्लेषक आगे की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। भारत सरकार ने तीनों घटनाक्रम पर नज़र रखी हुई है और संबंधित देशों के साथ राजनयिक चैनलों के माध्यम से संपर्क बनाए हुए है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय ने सभी संबंधित पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के रास्ते खुले रखने का आग्रह किया है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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