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सीवीसी रिपोर्ट 2025: सरकारी दफ्तरों में 70 हज़ार भ्रष्टाचार शिकायतें, बैंक‑रेलवे शीर्ष पर

2/9/2026, 11:28:07 pm
सीवीसी रिपोर्ट 2025: सरकारी दफ्तरों में 70 हज़ार भ्रष्टाचार शिकायतें, बैंक‑रेलवे शीर्ष पर
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केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने 2025 की वार्षिक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट बताती है कि देश के सरकारी दफ्तर भ्रष्टाचार के प्रमुख अड्डे बन चुके हैं। इस वर्ष 70 हज़ार से अधिक शिकायतें दर्ज हुईं, जो पिछले साल के मुकाबले 12 फ़ीसदी ज्यादा हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें बैंकिंग क्षेत्र और भारतीय रेलवे से आईं। बैंकों में कर्ज मंजूरी, खाता खोलने, एटीएम लेनदेन और बीमा दावों में गड़बड़ी की शिकायतें सबसे अधिक रहीं। रेलवे में टिकट बुकिंग, माल ढुलाई, ठेकेदारी और स्टेशन प्रबंधन से जुड़े मामले सामने आए। सीवीसी अध्यक्ष ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि शिकायतों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। उन्होंने सभी मंत्रालयों को आंतरिक ऑडिट मजबूत करने, व्हिसलब्लोअर सुरक्षा कानून को सख्ती से लागू करने और डिजिटल शिकायत पोर्टल को अधिक सुलभ बनाने के निर्देश दिए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कई विभागों में शिकायतों का निपटारा समय पर नहीं हो रहा। औसत निपटान अवधि 45 दिन से बढ़कर 68 दिन हो गई है। आयोग ने इस देरी को भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाला कारक माना है। सामाजिक कार्यकर्ताओं और पारदर्शिता समर्थकों ने रिपोर्ट को चेतावनी माना है। उनका कहना है कि केवल शिकायत दर्ज करना काफी नहीं है; जवाबदेही तय कर दोषियों पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार ने रिपोर्ट की सिफारिशों पर तेजी से अमल का भरोसा दिया है। वित्त मंत्रालय और रेल मंत्रालय ने अगले छह महीने में नई निगरानी व्यवस्था, स्वचालित ऑडिट टूल और स्वतंत्र शिकायत निवारण प्रकोष्ठ बनाने का लक्ष्य रखा है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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