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गायत्री-त्रिशा की जोड़ी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य जीता, पुलेला का सपना पूरा

23/8/2026, 3:51:46 pm
गायत्री-त्रिशा की जोड़ी ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य जीता, पुलेला का सपना पूरा
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गायत्री गोपीचंद और त्रिशा जॉली ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारतीय बैडमिंटन को नई ऊंचाई दी। यह पहला मौका है जब भारत की कोई महिला युगल जोड़ी इस टूर्नामेंट के पोडियम पर पहुंची है, इससे पहले केवल ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने 2011 में कांस्य जीता था। पुलेला गोपीचंद, जो खुद कभी विश्व चैंपियनशिप में पदक नहीं जीत सके, अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहे हैं। मैच के दौरान गायत्री और त्रिशा ने दमदार रक्षा और तेज़ आक्रमण का मिश्रण दिखाया, जिससे विरोधी जोड़ी को लगातार दबाव में रखा गया। सेमीफाइनल में उन्हें चीन की शीर्ष जोड़ी से हार का सामना करना पड़ा, लेकिन कांस्य पदक के लिए खेले गए मुकाबले में उन्होंने जापानी जोड़ी को सीधे सेटों में हराया। चैंपियनशिप डेनमार्क के कोपेनहेगन में 21 से 27 अगस्त तक चली, जहां विश्व की शीर्ष 32 जोड़ियों ने हिस्सा लिया। गायत्री और त्रिशा ने क्वार्टरफाइनल में कोरियाई जोड़ी को 21-18, 21-19 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल में चीनी जोड़ी ने उन्हें 21-15, 21-13 से हराया, लेकिन कांस्य पदक के लिए खेले गए मैच में उन्होंने जापान की जोड़ी को 21-16, 21-14 से मात दी। इस जीत से भारतीय बैडमिंटन संघ को आगामी ओलंपिक क्वालिफिकेशन में मजबूती मिलेगी, साथ ही युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। इस प्रदर्शन से उनकी विश्व रैंकिंग में सुधार होना तय है, जिससे आगामी सुपर 1000 टूर्नामेंट में उन्हें बेहतर ड्रॉ मिलेगा। भारतीय बैडमिंटन प्रेमियों ने सोशल मीडिया पर दोनों खिलाड़ियों को बधाई दी और उनके अगले मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं भेजीं। कोच पुलेला ने कहा कि यह परिणाम टीम की मेहनत और नई रणनीति का फल है, और वे आगे भी इसी तरह प्रदर्शन जारी रखना चाहते हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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