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सरकारी पहल ने घटाई बेरोजगारी, स्टार्टअप्स की संख्या ढाई लाख के पार

19/9/2026, 7:52:25 pm
सरकारी पहल ने घटाई बेरोजगारी, स्टार्टअप्स की संख्या ढाई लाख के पार
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केन्द्रीय राज्यमंत्री एल. मुरुगन ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि सरकार की विभिन्न पहलों के चलते देश में बेरोजगारी दर में कमी आई है और स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख के आंकड़े को पार कर गई है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वित्तीय वर्ष में नए रोजगार के अवसर बढ़े हैं और युवा उद्यमियों को सरकारी योजनाओं से लाभ मिल रहा है। मुरुगन ने स्टार्टअप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और कौशल विकास मिशन जैसी प्रमुख योजनाओं का उल्लेख किया। इन योजनाओं के तहत उधमियों को collateral‑free लोन, ब्याज सब्सिडी और 멘टोरशिप मिल रही है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं से छोटे कारोबारों को प्रारंभिक पूंजी जुटाने में आसानी हुई है और वे तेजी से उत्पाद बाजार में ला रहे हैं। स्टार्टअप की संख्या में वृद्धि के बारे में मंत्री ने कहा कि वित्त वर्ष 2024‑25 में पंजीकृत नए उद्यमों की कुल संख्या 2,52,000 से अधिक पहुंच गई है। इनमें सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि‑टेक, स्वास्थ्य‑टेक और शिक्षा‑टेक जैसे विविध क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण इलाकों में भी कृषि संबंधी स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे किसानों को नई बाजार linkage मिल रही है। बेरोजगारी में गिरावट के बारे में मुरुगन ने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का जिक्र किया, जिनमें डिजिटल साक्षरता, कोडिंग और तकनीकी कौशल पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इन प्रशिक्षित युवाओं को उद्यमिता incubation centres में स्थान मिल रहा है, जहाँ वे अपने आइडिया को प्रोटोटाइप से स्केलेबल कारोबार तक ले जा सकते हैं। कई युवा उद्यमियों ने बताया कि सरकारी सहायता से उनके विचार को प्रोटोटाइप और फिर स्केलेबल मॉडल में बदलना पहले की तुलना में सरल हो गया है। कुछ स्टार्टअप ने अपने पहले वित्तीय वर्ष में ही राजस्व अर्जित करना शुरू कर दिया है और वे अब निर्यात बाजार की ओर भी देख रहे हैं। विश्लेषकों की राय है कि इस वृद्धि को स्थिर रखने के लिए नियामक प्रक्रियाओं को और सरल बनाना आवश्यक है। उन्होंने लगातार कौशल उन्नयन और crédito तक आसान पहुँच पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समर्थन प्रणाली में gap आया तो प्रारंभिक उत्साह धीमा पड़ सकता है। मुरुगन ने आश्वासन दिया कि सरकार आने वाले महीनों में नए फंड्स की घोषणा करेगी और राज्य सरकारों के साथ मिलकर उद्यमिता पर्यावरण को और मजबूत बनाएगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य 2026‑27 तक स्टार्टअप की संख्या पांच लाख तक पहुँचाना है, जिससे लाखों युवाओं को सीधे रोजगार मिल सके। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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