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इंडोनेशिया में ज्वालामुखी की राख से सात एयरपोर्ट बंद, 3.41 लाख यात्री फंसे

7/9/2026, 6:27:38 am
इंडोनेशिया में ज्वालामुखी की राख से सात एयरपोर्ट बंद, 3.41 लाख यात्री फंसे
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इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर स्थित माउंट मेरापी ने शनिवार को भारी मात्रा में राख उगली। राख का बादल आसमान में फैल गया और सात प्रमुख हवाई अड्डों को बंद करना पड़ा। इनमें जकार्ता का सोएकरनो-हट्टा, सुरबाया का जुअना, योग्याकर्ता का आदिसुप्रो, बाली का नगुराह राय, मकासर का सुल्तान हसनुद्दीन, मलंग का अब्दुल रचमन और पालेमबांग का सुल्तान महमूद हवाई अड्डे शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि राख की मोटी परत रनवे और टैक्सीवे पर जम गई, जिससे उड़ान भरना असुरक्षित हो गया। एयरलाइंस ने तुरंत उड़ानें रद्द कीं और यात्रियों को होटलों या टर्मिनल में ठहराया। करीब 3.41 लाख यात्री प्रभावित हुए, जिनमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों शामिल हैं। राहत कार्य तेजी से शुरू हुए। आपदा प्रबंधन एजेंसी ने राख साफ करने के लिए विशेष वाहन और मशीनें तैनात कीं। स्वास्थ्य विभाग ने राख से होने वाली सांस की दिक्कतों के लिए मेडिकल कैंप लगाए। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में पानी और भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित की। राष्ट्रपति सुबियांतो ने शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार पूरी ताकत से राहत में जुटी है। उन्होंने बताया कि 2026 के बजट में आपदा प्रबंधन के लिए अतिरिक्त राशि रखी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से निपटना आसान हो। साथ ही उन्होंने एयरलाइंस से यात्रियों को जल्द से जल्द वैकल्पिक उड़ानें देने का आग्रह किया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि अगले 48 घंटे में राख का प्रसार जारी रह सकता है। नागरिकों को मास्क पहनने और बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। स्कूल और दफ्तर कुछ दिनों के लिए बंद रहेंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने कहा कि राख पूरी तरह साफ होने के बाद ही उड़ानें बहाल होंगी। उन्होंने यात्रियों से धैर्य रखने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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