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युद्ध और नौसैनिक नाकाबंदी ने ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट दी

7/9/2026, 3:32:44 pm
युद्ध और नौसैनिक नाकाबंदी ने ईरान की अर्थव्यवस्था को गहरी चोट दी
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ईरान की अर्थव्यवस्था पिछले सात महीने से युद्ध की चपेट में है। समुद्री नाकाबंदी की वजह से तेल का निर्यात और विदेशी कारोबार तेजी से गिरा है। हालाँकि कुछ वैकल्पिक रास्तों से थोड़ा बहुत व्यापार चल रहा है, लेकिन माल ढुलाई का खर्च बढ़ने और सप्लाई चेन टूटने से आम आदमी की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ रहा है। सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिश की है, पर कच्चे माल की कमी और मुद्रा की कमजोरी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। महंगाई दर दोहरे अंक में पहुंच चुकी है और खाने-पीने की चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। बेरोजगारी भी बढ़ी है क्योंकि कारखानों को कच्चा माल नहीं मिल पा रहा। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के साथ-साथ नौसैनिक घेराबंदी ने बैंकिंग लेनदेन को भी जटिल बना दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर नाकाबंदी जल्द नहीं हटी तो ईरान की अर्थव्यवस्था और गहरे संकट में फंस सकती है। फिलहाल सरकार विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए गैर-जरूरी आयात पर रोक लगा रही है। लोग रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कतारों में खड़े देखे जा सकते हैं। स्थिति सुधारने के लिए कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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