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ईरान-ओमान में होर्मुज जलडमरू पर बनी सहमति, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर

25/8/2026, 8:07:10 pm
ईरान-ओमान में होर्मुज जलडमरू पर बनी सहमति, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही पर जोर
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ईरान और ओमान ने होर्मुज जलडमरू की सुरक्षा और जहाजों की निर्बाध आवाजाही पर सहमति जताई है। मस्कट में रविवार को ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और ओमान के विदेश मंत्री बद्र अल-बुसैदी की मुलाकात में इस रणनीतिक जलमार्ग पर तनाव घटाने को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने एक संयुक्त बयान में कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक सभी देशों के जहाजों को सुरक्षित गुजरने का हक है। किसी भी तरह की रुकावट या धमकी क्षेत्र की स्थिरता के लिए खतरा है। बैठक में समुद्री सीमाओं के प्रबंधन, संयुक्त गश्त और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर भी चर्चा हुई। होर्मुज जलडमरू दुनिया का सबसे अहम तेल परिवहन मार्ग है। यहां से रोजाना करीब 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल गुजरता है जो वैश्विक खपत का पांचवां हिस्सा है। पिछले कुछ सालों में यहां तेल टैंकरों पर हमले, जहाज जब्त करने और ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ी थीं। इससे वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई थी। ओमान खाड़ी देशों में ईरान का सबसे करीबी सहयोगी माना जाता है। दोनों देशों के बीच जल सीमा विवाद सुलझाने के लिए पहले भी कई दौर की बातचीत हो चुकी है। इस बार की मुलाकात क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि इस सहमति से फारस की खाड़ी में नौसैनिक टकराव की आशंका कम होगी। साथ ही भारत, चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े तेल आयातक देशों को राहत मिलेगी। भारतीय नौसेना भी इस क्षेत्र में लगातार गश्त करती रहती है। बैठक के बाद अराकची ने कहा कि दोनों देश क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे। वहीं अल-बुसैदी ने जोर दिया कि बातचीत ही विवाद सुलझाने का एकमात्र रास्ता है। अगले महीने दोनों देशों के नौसेना प्रमुखों की बैठक प्रस्तावित है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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