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ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान का बड़ा बयान: ब्रिक्स अमेरिकी वर्चस्व खत्म करने के लिए बना

12/9/2026, 5:20:09 am
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान का बड़ा बयान: ब्रिक्स अमेरिकी वर्चस्व खत्म करने के लिए बना
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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने ब्रिक्स संगठन को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसने वैश्विक कूटनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ब्रिक्स का गठन ही अमेरिका के आर्थिक वर्चस्व को चुनौती देने और खत्म करने के मकसद से हुआ था। पेजेश्कियान ने यह बात ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मीडिया से बातचीत में कही। उनके मुताबिक, पश्चिमी देशों खासकर अमेरिका ने लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं पर कब्जा जमाए रखा। डॉलर की ताकत के बूते वे अपनी शर्तें थोपते रहे। ब्रिक्स इसी एकतरफा व्यवस्था को तोड़ने का मंच है। ब्रिक्स में अभी ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका के अलावा मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं। यह समूह दुनिया की करीब 45 फीसदी आबादी और 35 फीसदी जीडीपी का प्रतिनिधित्व करता है। पेजेश्कियान का बयान ऐसे वक्त आया है जब कई सदस्य देश डॉलर के बजाय अपनी मुद्राओं में कारोबार बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। भारत के लिए यह अहम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कह चुके हैं कि ब्रिक्स किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि ग्लोबल साउथ की आवाज बुलंद करने का मंच है। लेकिन पेजेश्कियान का तेवर इससे कहीं ज्यादा आक्रामक है। जानकार मानते हैं कि ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों की मार झेल रहे पेजेश्कियान ब्रिक्स को अपने देश के आर्थिक हितों की ढाल बनाना चाहते हैं। आने वाले दिनों में ब्रिक्स का विस्तार और नई विकास बैंक की भूमिका तय करेगी कि यह संगठन वाकई दुनिया की आर्थिक व्यवस्था बदल पाता है या केवल बयानबाजी तक सीमित रह जाता है।
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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