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जहाँगीर: वह मुगल बादशाह जिसने खुद की शराबखोरी को दुनिया के सामने माना

8/9/2026, 7:54:30 am
जहाँगीर: वह मुगल बादशाह जिसने खुद की शराबखोरी को दुनिया के सामने माना
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मुगल साम्राज्य का इतिहास कई दिलचस्प और विरोधाभासों से भरा रहा है। इन्हीं में से एक थे बादशाह जहाँगीर। जहाँगीर अपनी कलात्मक रुचि और न्याय के लिए जाने जाते थे, लेकिन उनके व्यक्तित्व का एक पहलू उनकी शराब और नशे की लत थी। इतिहास के पन्ने बताते हैं कि सत्ता संभालते ही जहाँगीर ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपनी प्रजा के लिए शराब और अन्य नशीले पदार्थों के उत्पादन और बिक्री पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी। उनका मकसद समाज को नशे की बुराइयों से बचाना था। लेकिन इस शाही फरमान की सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि जहाँगीर ने इसी दस्तावेज़ में अपनी शराबखोरी का इकरार भी किया। यह देखना दिलचस्प है कि एक तरफ बादशाह कानून बना रहे थे और दूसरी तरफ अपनी कमजोरी को दुनिया के सामने मान रहे थे। जहाँगीर का यह व्यवहार उनके व्यक्तित्व के जटिल स्वरूप को दर्शाता है, जहाँ अनुशासन और व्यक्तिगत इच्छाओं के बीच एक निरंतर संघर्ष चलता रहा। जैसे-जैसे समय बीता, जहाँगीर की व्यक्तिगत आदतों का असर उनकी शासन व्यवस्था पर भी दिखने लगा। यहीं से नूरजहाँ का प्रभाव बढ़ा। नूरजहाँ न केवल उनकी पत्नी थीं, बल्कि एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थीं। धीरे-धीरे सत्ता की असली बागडोर नूरजहाँ के हाथों में आ गई। कहा जाता है कि नूरजहाँ ने ही प्रशासनिक कार्यों को संभाला और साम्राज्य की स्थिरता सुनिश्चित की, जबकि जहाँगीर अपनी निजी रुचियों और नशे में व्यस्त रहे। नूरजहाँ का प्रभाव इतना अधिक था कि सिक्कों से लेकर शाही फरमानों तक पर उनका नाम नजर आने लगा। इतिहासकार मानते हैं कि यदि नूरजहाँ का साथ न होता, तो जहाँगीर के शासनकाल में प्रशासनिक गिरावट अधिक गंभीर हो सकती थी। इस तरह, जहाँगीर का दौर शाही विलासिता, व्यक्तिगत संघर्ष और एक शक्तिशाली महिला के राजनीतिक उदय की कहानी बन गया। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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