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घर का 'मेंटल लोड' क्यों औरतों पर? मर्द कैसे बाँट सकते हैं जिम्मेदारी

7/9/2026, 11:19:50 am
घर का 'मेंटल लोड' क्यों औरतों पर? मर्द कैसे बाँट सकते हैं जिम्मेदारी
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घर का 'मेंटल लोड' अक्सर औरतों के कंधे पर ही पड़ता है। योजना बनाना, सामान याद रखना और हर छोटे काम का ध्यान रखना – ये सब ज़्यादातर महिलाएँ ही करती हैं। हालिया सर्वे बताते हैं कि 70 फ़ीसदी से ज़्यादा घरों में राशन की लिस्ट, बच्चों के स्कूल का टाइमटेबल और बिल भरने की तारीख़ याद रखने का काम माँ या पत्नी ही करती हैं। इस बोझ का असर सीधा सेहत और करियर पर पड़ता है। थकान, चिंता और नींद न पूरी होना आम बात हो जाती है। समाजशास्त्री डॉ. अनीता शर्मा कहती हैं, “हमारे समाज में घर का प्रबंधन ‘औरत का काम’ मान लिया जाता है। मर्द अक्सर केवल ‘मदद’ करते हैं, जिम्मेदारी नहीं लेते।” मर्द इस लोड को बाँट सकते हैं – बस पहल करें। एक साझा कैलेंडर बनाएँ, हर हफ्ते बैठकर कामों की सूची देखें और तय करें कि कौन क्या करेगा। रिमाइंडर फ़ोन पर लगाएँ, राशन की लिस्ट साथ लेकर जाएँ, बच्चों का होमवर्क चेक करने की ज़िम्मेदारी भी लें। छोटे‑छोटे कदम बड़ा फ़र्क लाते हैं। जब दोनों पार्टनर बराबर हिस्सा लेते हैं, तो तनाव कम होता है और रिश्ते में विश्वास बढ़ता है। बच्चे भी देखते हैं कि जिम्मेदारी साझा होती है। कई कंपनियाँ अब ‘फैमिली लीव’ और ‘फ्लेक्सिबल वर्क’ दे रही हैं, ताकि दोनों पार्टनर घर का बोझ बाँट सकें। इससे उत्पादकता भी बढ़ती है। अगर आप भी अपने घर में बदलाव चाहते हैं, तो आज ही एक साझा टू‑डू लिस्ट बनाएँ और अपने साथी से बात करें। छोटी पहल बड़ा बदलाव ला सकती है। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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