विश्व
राजस्थान: 13 साल इंतज़ार के बाद तन्वी की मौत, एम्स पर लापरवाही का आरोप
7/9/2026, 6:55:51 am

Source feed image
राजस्थान के एक छोटे गांव की 13 साल की तन्वी को दिल में छेद की बीमारी थी। डॉक्टरों ने कहा कि ऑपरेशन जल्द कराना ज़रूरी है। परिवार ने दिल्ली एम्स में इलाज के लिए रेफर किया। एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग ने पहले साल 2012 में सर्जरी की तारीख दी। फिर हर साल नई तारीख मिलती रही। माता‑पिता का आरोप है कि अस्पताल ने केवल आश्वासन दिए, वास्तविक ऑपरेशन कभी नहीं किया। तन्वी की मां ने बताया कि बेटी को सांस लेने में तकलीफ होती थी और उसकी हालत हर महीने बिगड़ती गई। पिता ने कहा कि उन्हें सिर्फ कागजी कार्यवाही और फाइलें दिखाई गईं। 2023 के अंत में तन्वी की मौत हो गई। परिजनों ने एम्स पर लापरवाही और देरी का आरोप लगाया है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री और प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर जांच की मांग की। एम्स प्रशासन ने आंतरिक जांच का आदेश दिया है और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। स्थानीय विधायक ने भी इस मामले को विधानसभा में उठाया। ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को भी इस घटना ने सामने लाया। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल के छेद का ऑपरेशन समय पर न होने से जान का खतरा बढ़ जाता है। सरकार ने एम्स को निर्देश दिया कि लंबित सर्जरी की सूची तैयार करे और प्राथमिकता दे। परिवार ने अदालत में याचिका दायर कर मुआवजे और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही पर बहस छेड़ दी है। तन्वी के पिता ने बताया कि एम्स में उन्हें हर बार नई जांच की सूची दी जाती थी, लेकिन ऑपरेशन की तारीख कभी पक्की नहीं होती थी। उन्होंने कहा कि 2015 में एक बार सर्जरी की तारीख तय हुई थी, परंतु ऑपरेशन थियेटर में उपकरण खराब होने के कारण टाल दी गई। 2018 में फिर से तारीख मिली, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि बच्ची का वजन कम है, इसलिए इंतजार करना पड़ेगा। 2020 में कोविड महामारी के चलते सभी गैर‑आपातकालीन सर्जरी रोक दी गईं, जिससे तन्वी का इलाज और लंबा खिंच गया। परिवार ने कई बार एम्स के निदेशक से मिलने की कोशिश की, परंतु उन्हें केवल लिखित जवाब मिला। स्थानीय मीडिया ने इस मामले को प्रमुखता से उठाया और सोशल मीडिया पर हजारों लोगों ने न्याय की मांग की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी घटना का संज्ञान लिया और एम्स से विस्तृत रिपोर्ट मांगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को बड़े अस्पतालों में समय पर इलाज मिलना एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने सुझाव दिया कि टेलीमेडिसिन और मोबाइल कार्डियक यूनिट के जरिए प्रारंभिक निदान और फॉलो‑अप किया जा सकता है। राज्य सरकार ने भी एम्स के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स बनाने का ऐलान किया है, जो लंबित बाल हृदय सर्जरी की निगरानी करेगी। परिवार को अब तक कोई आधिकारिक मुआवजा नहीं मिला है, लेकिन वे अदालती लड़ाई जारी रखेंगे। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
संबंधित
विश्वसंयुक्त राष्ट्र ने अपनाया अफ़्रीका का नया नक्शा, दुनिया के नक्शों पर बहस तेज
7/9/2026, 8:20:41 am
विश्वसत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: पांच बड़े सवाल उठे
7/9/2026, 8:14:18 am
विश्वनेपाल की बाढ़ में फंसे गोरखपुर के आशुतोष, मौत को मात देकर लौटे घर
7/9/2026, 7:17:34 am
विश्वसंयुक्त राष्ट्र में भारत के वोट पर भड़का पाकिस्तान, फिर उठाया कश्मीर मुद्दा
7/9/2026, 6:05:06 am
विश्वट्रंप ने चांद पर अमेरिकी झंडे की तस्वीर साझा कर कहा – ‘चांद हमारा है’
7/9/2026, 5:37:53 am
विश्वट्रंप की शर्त थी इसराइल को मान्यता, पर सऊदी-अमेरिका परमाणु करार में निकला कुछ और
7/9/2026, 5:16:44 am
