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मनोज जरांगे ने दिया अल्टीमेटम, 11 सितंबर तक मांगें न मानी तो मुंबई में प्रदर्शन

4/9/2026, 5:03:57 am
मनोज जरांगे ने दिया अल्टीमेटम, 11 सितंबर तक मांगें न मानी तो मुंबई में प्रदर्शन
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मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सरकार को सख्त अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि अगर 11 सितंबर तक मांगें नहीं मानी गईं तो वे मुंबई में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। जरांगे पिछले कई दिनों से अनशन पर हैं और उनकी तबीयत भी बिगड़ रही है। इसके बावजूद वे अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। महाराष्ट्र सरकार ने अब तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मामले पर चर्चा के लिए बैठक बुलाई है, लेकिन नतीजा अभी सामने नहीं आया है। मराठा समुदाय के कई संगठन जरांगे के समर्थन में उतर आए हैं। उन्होंने गांव‑गांव में जनसभाएं आयोजित की हैं और सोशल मीडिया पर भी अभियान चला रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार पर दबाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। भाजपा और शिवसेना के नेताओं ने भी बयान जारी किए हैं। पुलिस ने मुंबई में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। संभावित प्रदर्शन को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड लगाए गए हैं। जरांगे ने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेंगे, लेकिन अगर सरकार नहीं सुनी तो आंदोलन तेज होगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी भी हिंसा के पक्ष में नहीं हैं। इस बीच, राज्यपाल ने भी मामले का संज्ञान लिया है और केंद्र से हस्तक्षेप की अपील की है। मराठा आरक्षण का मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र रहा है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की सीमा पर फैसला सुनाया था, जिसके बाद से मांग फिर से तेज हुई है। सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती है: कानूनी प्रक्रिया पूरी करना और जन आक्रोश को शांत करना। आने वाले दिनों में स्थिति और साफ होगी। इस आंदोलन का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर भी पड़ सकता है। आगामी विधानसभा चुनाव में मराठा वोटरों की भूमिका अहम होगी। राजनीतिक दल इस मुद्दे को अपने घोषणापत्र में शामिल करने की कोशिश कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी सरकार से जल्द समाधान की मांग की है। वे कहते हैं कि लंबे समय से लंबित आरक्षण की मांग को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। उधर, केंद्र सरकार ने राज्य को संवैधानिक दायरे में रहकर फैसला लेने की सलाह दी है। इस बीच, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जरांगे के अनशन स्थल पर चिकित्सकों की टीम तैनात की गई है। उनकी सेहत पर नजर रखी जा रही है। प्रदर्शन की तैयारी में स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात किया है। शहर के प्रमुख चौराहों पर CCTV कैमरे लगाए गए हैं। जनता की प्रतिक्रिया मिली-जुली है; कुछ लोग आंदोलन के समर्थन में हैं तो कुछ इसे राजनीतिक हथकंडा मानते हैं। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया निर्णायक होगी। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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