विश्व
न्यूयॉर्क में तिलक से स्वागत: मैडिसन स्क्वायर गार्डन में मोहन भागवत का संबोधन
26/8/2026, 2:27:12 am

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंचे। मैडिसन स्क्वायर गार्डन में उनका पारंपरिक तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी और स्थानीय नागरिक मौजूद थे। आयोजकों ने भागवत को अंगवस्त्र पहनाकर और माला पहनाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि ऐसा स्नेहपूर्ण स्वागत दिखाता है कि भारतीय संस्कृति की जड़ें विदेशी धरती पर भी गहरी हैं। भागवत ने अपने संबोधन में एकता, सामाजिक समरसता और धार्मिक सहिष्णुता पर जोर दिया। उन्होंने भारतीय मूल के लोगों से अपील की कि वे अपने मूल्यों को बनाए रखते हुए नए देश में सकारात्मक योगदान दें। यह यात्रा उनके तीन देशों के दौरे का पहला चरण है, जिसके बाद वे कनाडा और यूनाइटेड किंगडम जाएंगे। हर देश में वे समान विषयों पर चर्चा करने वाले कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। उपस्थित प्रवासियों ने कहा कि ऐसा स्वागत उन्हें घर की याद दिलाता है और समुदाय में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता है। स्थानीय प्रशासन ने आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था की सराहना की। पुलिस और निजी सुरक्षा एजेंसियों ने मिलकर कार्यक्रम को सुचारु रूप से चलाने का इंतजाम किया। बड़े भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बैरिकेड्स और मेटल डिटेक्टर लगाए गए। अंत में मोहन भागवत ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि इस प्रकार के आदान‑प्रदान से विश्व में शांति और समझ बढ़ती है। उन्होंने सभी से मिल‑जुलकर काम करने और एक बेहतर भविष्य बनाने की अपील की। भागवत ने कहा कि भारतीय दर्शन में वसुधैव कुटुंबकम की भावना विश्व बंधुत्व का मार्ग दिखाती है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे तकनीकी ज्ञान के साथ नैतिक मूल्यों को भी अपनाएं। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं, जिनमें शास्त्रीय नृत्य और लोक संगीत शामिल थे। प्रवासी संगठनों ने भागवत को स्मृति चिह्न भेंट किए और उनके मार्गदर्शन की सराहना की। आयोजकों ने बताया कि अगले पड़ाव में कनाडा के टोरंटो में समान कार्यक्रम तय है। यूनाइटेड किंगडम में लंदन के वेम्बली एरिना में भी बड़ा आयोजन प्रस्तावित है। संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि दौरे का उद्देश्य वैश्विक हिंदू समुदाय को एकजुट करना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संघ किसी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और सामाजिक सेवा पर केंद्रित रहता है। मीडिया से बातचीत में भागवत ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत विश्व के लिए प्रेरणा स्रोत है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि प्रवासी भारतीय अपने देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
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