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नेपाल बाढ़ त्रासदी: चीन के सुपर डैम को रीडिजाइन करने की मांग, अपनी ही पत्रिका ने दिखाया आईना

4/9/2026, 4:23:00 am
नेपाल बाढ़ त्रासदी: चीन के सुपर डैम को रीडिजाइन करने की मांग, अपनी ही पत्रिका ने दिखाया आईना
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नेपाल में पिछले महीने आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन ने तीन सौ से अधिक लोगों की जान ले ली और हजारों घरों को तबाह कर दिया। प्रभावित इलाकों में राहत कार्य अब भी जारी हैं और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां पीड़ितों को भोजन, दवा और अस्थायी आवास मुहैया करा रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तिब्बत में चीन के प्रस्तावित ‘सुपर डैम’ का मौजूदा डिजाइन भी इस तबाही की एक वजह हो सकता है। चीन की एक प्रमुख पत्रिका ने अपने संपादकीय में लिखा है कि बांध के नक्शे को फिर से बनाना जरूरी है ताकि निचले इलाकों में पानी का बहाव नियंत्रित रहे। पत्रिका ने चीनी इंजीनियरों और पर्यावरण विशेषज्ञों के हवाले से कहा कि बांध की ऊंचाई और जलाशय की क्षमता कम करने से नेपाल और भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा घटेगा। नेपाल सरकार ने पहले ही चीन से बातचीत शुरू कर दी है और एक तकनीकी समिति गठित की है जो डैम के प्रभाव का विस्तृत अध्ययन करेगी। भारत ने भी इस मुद्दे पर नजर रखी है और द्विपक्षीय वार्ता में जल बंटवारे, सुरक्षा मानकों और पारदर्शी निगरानी पर जोर दिया है। चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि वह सभी पक्षों की चिंताओं को गंभीरता से लेगा और वैज्ञानिक आधार पर डिजाइन में सुधार करेगा। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि बिना पारदर्शी अध्ययन के बड़े बांध बनाना हिमालयी पारिस्थितिकी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। स्थानीय वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण बारिश की तीव्रता बढ़ रही है, जिससे बड़े बांधों का जोखिम और भी बढ़ जाता है। फिलहाल नेपाल में बाढ़ प्रभावित गांवों में सड़कें और पुल बहाल किए जा रहे हैं ताकि राहत सामग्री तेजी से पहुंच सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से सीख लेकर भविष्य में सीमा पार जल परियोजनाओं में सहयोग और साझा निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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