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नेपाल के 'काला गांव' में बाढ़ नहीं आई, फिर भी 29 लापता; फसल बाजार तक पहुंचने की चिंता

7/9/2026, 11:50:20 am
नेपाल के 'काला गांव' में बाढ़ नहीं आई, फिर भी 29 लापता; फसल बाजार तक पहुंचने की चिंता
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नेपाल के रसुवा जिले का गतलांग गांव — जिसे स्थानीय लोग 'काला गांव' कहते हैं — पिछले दिनों आई भारी बारिश और बाढ़ से सीधे बच गया। गांव तक बाढ़ का पानी नहीं पहुंचा, लेकिन मुसीबत दूसरे रूप में आई। गांव के 29 लोग अब भी लापता हैं। इनमें ज्यादातर वे हैं जो खेती-बाड़ी या मजदूरी के लिए निचले इलाकों या पास के कस्बों में गए थे और लौट नहीं पाए। ग्रामीण बताते हैं कि मुख्य सड़क कई जगह से कट गई है। पुल बह गए हैं। पैदल रास्ते भी खतरनाक हो चुके हैं। गांव का संपर्क जिला मुख्यालय धुनचे और राजधानी काठमांडू दोनों से टूटा हुआ है। राहत सामग्री हेलीकॉप्टर से गिराई जा रही है, पर वह काफी नहीं। सबसे बड़ी चिंता अब किसानों की है। खेतों में मक्का, आलू, राजमा और सब्जियां तैयार खड़ी हैं। लाखों रुपये की यह उपज अगर समय पर मंडी नहीं पहुंची तो सड़ जाएगी। गांव के किसान राम बहादुर तमांग कहते हैं, "पानी नहीं आया, यह राहत की बात है, लेकिन सड़क नहीं तो फसल का क्या करेंगे?" प्रशासन का कहना है कि सड़क मरम्मत में हफ्तों लग सकते हैं। तब तक गांववालों को राशन, दवा और बीज की किल्लत झेलनी पड़ेगी। लापता लोगों की तलाश जारी है, लेकिन टूटे रास्तों और खराब मौसम से तलाशी अभियान धीमा है। गतलांग की आबादी करीब 1,200 है। अधिकांश परिवार खेती और पशुपालन पर निर्भर हैं। इस बार की आपदा ने उनकी आजीविका पर दोहरी मार डाली है — अपनों का पता नहीं और मेहनत की कमाई खेतों में अटकी है।
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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