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नेपाल बाढ़: बचाव दल पहुंचे, जनरेटर और बॉडी बैग की तत्काल जरूरत

31/8/2026, 10:39:21 am
नेपाल बाढ़: बचाव दल पहुंचे, जनरेटर और बॉडी बैग की तत्काल जरूरत
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नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ ने कई गांवों को पानी में डुबो दिया है। स्थानीय प्रशासन ने तुरंत बचाव दल भेजे हैं। भारत, चीन और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से विशेषज्ञ टीमें काठमांडू पहुंच चुकी हैं। ये टीमें नाव, हेलीकॉप्टर और चिकित्सा उपकरण लेकर आई हैं। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में बिजली गुल है, इसलिए जनरेटर की मांग तेजी से बढ़ी है। अस्पतालों में घायलों की संख्या बढ़ रही है और शवों को रखने के लिए बॉडी बैग की कमी महसूस हो रही है। नेपाल सरकार ने आपातकालीन फंड जारी किया है और राहत सामग्री वितरण के लिए केंद्र बनाए हैं। स्थानीय लोग अपने घरों से निकलकर ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। सड़कें टूट गई हैं, जिससे राहत पहुंचाने में देरी हो रही है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन और भारी बारिश की चेतावनी दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने नेपाल को तत्काल सहायता का आश्वासन दिया है। भारत ने एनडीआरएफ की दो टीमें और चिकित्सा दल भेजे हैं। चीन ने भी अपने बचाव दल और उपकरण भेजे हैं। नेपाल के प्रधानमंत्री ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में पीने के पानी की किल्लत है, इसलिए पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मचारी बीमारियों के फैलाव को रोकने के लिए टीकाकरण अभियान चला रहे हैं। बाढ़ से कृषि भूमि भी बर्बाद हुई है, जिससे किसानों की आय पर असर पड़ेगा। सरकार ने फसल बीमा योजना के तहत मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की है। स्थानीय एनजीओ भी भोजन और कपड़े बांट रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। बचाव कार्य रात भर जारी रहा और कई लोग सुरक्षित निकाले गए। नेपाल की सेना भी नदियों के किनारे बांध बनाने में लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। नेपाल सरकार ने बाढ़ पूर्वानुमान प्रणाली को मजबूत करने का फैसला लिया है। नदियों के जलस्तर की निगरानी के लिए नए सेंसर लगाए जाएंगे। स्थानीय समुदायों को आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों से पुनर्निर्माण के लिए ऋण की बात चल रही है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को अस्थायी आवास मुहैया कराने के लिए टेंट और कंबल भेजे जा रहे हैं। समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया
समाचार स्रोत: BBC हिंदी — दुनिया

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