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भारत

आरएसएस पत्रिका ने कांग्रेस को 'दिमागी नक्सल' कहा, सोनिया गांधी की एनएसी पर उठाए सवाल

28/8/2026, 2:01:52 am
आरएसएस पत्रिका ने कांग्रेस को 'दिमागी नक्सल' कहा, सोनिया गांधी की एनएसी पर उठाए सवाल
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आरएसएस से जुड़ी एक मासिक पत्रिका 'स्वराज्य' ने अपने ताजा अंक में कांग्रेस पर 'दिमागी नक्सल' शब्द का प्रयोग किया है। संपादकीय में लिखा गया है कि कांग्रेस की नीतियाँ और उसके नेताओं के बयान देश की आंतरिक सुरक्षा को कमजोर कर रहे हैं। पत्रिका का दावा है कि कांग्रेस ने नक्सली विचारधारा को बौद्धिक समर्थन दिया है, जिससे युवाओं में भ्रम फैल रहा है। लेख में सोनिया गांधी की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) का नाम लेकर सीधा आरोप लगाया गया है। कहा गया है कि एनएसी के सदस्यों ने नक्सली आंदोलन को वैचारिक आधार प्रदान किया और सरकारी योजनाओं को प्रभावित किया। पत्रिका ने एनएसी के पूर्व सदस्यों के भाषणों और लेखों का हवाला देते हुए दावा किया कि वे नक्सली नेताओं के साथ मंच साझा करते रहे हैं। कांग्रेस ने इस आरोप को सिरे से खारिज किया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि एनएसी का गठन सामाजिक न्याय, शिक्षा और ग्रामीण विकास के लिए किया गया था। उन्होंने आरएसएस की पत्रिका पर राजनीतिक बदले की भावना से तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने यह भी कहा कि एनएसी ने कभी भी हिंसा या अलगाववाद का समर्थन नहीं किया। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने पत्रिका के लेख का समर्थन करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए ऐसी चर्चा जरूरी है। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट किया कि 'बौद्धिक नक्सल' शब्द देश की एकता के लिए खतरा है। वहीं, विपक्षी दलों – विशेषकर वामपंथी पार्टियों – ने इसे सांप्रदायिक राजनीति और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताया। मीडिया विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद से आगामी चुनावी माहौल में ध्रुवीकरण बढ़ सकता है। वरिष्ठ पत्रकार प्रभु चावला ने कहा कि लेबल लगाने की राजनीति से वास्तविक मुद्दे पीछे रह जाते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार और विपक्ष दोनों को तथ्यों पर आधारित संवाद करना चाहिए, न कि एक-दूसरे को 'नक्सल' या 'आतंकवादी' कहकर बदनाम करना। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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