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छह साल के आदित्य ने बिहार सरकार का घमंड तोड़ने की कसम खाई, धरने पर बैठे

31/8/2026, 6:21:59 pm
छह साल के आदित्य ने बिहार सरकार का घमंड तोड़ने की कसम खाई, धरने पर बैठे
पटना के गांधी मैदान में छह वर्षीय आदित्य कुमार ने बिहार सरकार के रवैये के खिलाफ शांतिपूर्ण धरना शुरू किया। उसने कहा कि उसकी मांग सरल है – सरकार को आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए और कामकाज में पारदर्शिता लानी चाहिए। आदित्य ने अपनी बात को दशरथ मांझी की कहानी से जोड़ते हुए बताया कि जैसे मांझी ने एक फावड़े से पहाड़ काटकर रास्ता बनाया, वैसे ही वह सरकार के घमंड को तोड़ने के लिए आवाज़ उठा रहा है। उसने स्पष्ट किया कि उसका इरादा किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं है, बल्कि सरकार को आत्म‑निरीक्षण के लिए प्रेरित करना है। आदित्य के पिता रवि कुमार ने बताया कि बेटा पिछले कुछ महीनों से सड़क मरम्मत, स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और पीने के पानी की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा सुनता आ रहा है। ये बातें उसे परेशान करती थीं और उसने शांति से प्रदर्शन करने का निर्णय लिया। धरने के दौरान उसके हाथ में एक छोटा पोस्टर था जिस पर लिखा था ‘हमारे अधिकार, हमारी आवाज़’। स्थानीय नागरिकों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसका समर्थन किया और उसे पानी तथा फल दिए। बिहार सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि बच्चे की चिंता सुनना महत्वपूर्ण है और संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है, पर सार्वजनिक स्थान पर अनधिकृत धरना नियमों के विपरीत हो सकता है। प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और कई लोग बच्चे की हिम्मत की सराहना कर रहे हैं। बाल अधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि एक बच्चे का इस तरह से सामने आना व्यवस्था की विफलता को दर्शाता है और सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। दशरथ मांझी ने 22 वर्षों तक अकेले पहाड़ काटकर रास्ता बनाया था, उनकी कहानी आज भी ग्रामीण बिहार में प्रेरणा स्रोत बनी हुई है। आदित्य ने कहा कि वह तब तक धरने पर बैठेगा जब तक सरकार उसकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती। स्थानीय प्रशासन ने उसे सुरक्षा देने का आश्वासन दिया और उसकी मांगों को संबंधित विभाग तक पहुंचाने का वादा किया। समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Bihar (Hindi)

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